
तरह-तरह के शौक है जग में,
शौक बिना सब कुछ बेकार।
शौक ही है जीवन की संतति,
शौक से मिले आनंद अपार।।
शौक की खातिर वर्दी धारे,
फर्ज पर जीवन देता वार।
शौक से लेता कठिन चुनौती,
हर बाधा कर लेता पार।।
शौक है लेखक का लिखना,
समाज का जिससे सरोकार।
नेक भाव से कलम चले,
चेतना देश हित सत्याधार।।
शौक बदल देता है जीवन,
रंग भरे जीवन में अपार,
शौक सदा ही ऐसे चुनना,
सबसे मिले मान औ प्यार।।
भगवान दास शर्मा प्रशांत
इटावा उत्तर प्रदेश













