
इस कृति में भारत की वो मातृशक्तियों का व्यक्तित्व वर्णन है जिन्होनें भारत में प्रथम अग्रणी रही।
चाहे शिक्षा /जनकल्याण /राजनीति /सामाजिक /धार्मिक /खेल जगत/सेना/भोजन(कूक) /साहित्यक /संस्कृति /पर्यावरण / सामाजिक /स्वास्थ्य विभाग /विज्ञान/कुश्ती, सभी में सर्व प्रथम भारतीय महिला का पद्म श्री, पद्म भूषण, गोल्ड मेडल सभी में अपनी-अपनी जगह बना सम्मान प्राप्त किया है।
सभी के व्यक्तित्व को दोहे के रुप में सृजन किया गया है।
अभी तक ऐसी कृति किसी ने नहीं बनाई है। मुझे ये सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
सिद्धेश्वरी सराफ ‘शीलू’ जबलपुर













