
आज २१जून को हम सब,
विश्व योग दिवस मनाते हैं।
स्वास्थ्य का हम पैगाम देकर,
मन्नू विश्व को राह दिखलाते हैं।।
योग सदैव करते रहे,
स्वस्थ तुम यूं बने रहे।
विश्व शांति से पहले हम,
आंतरिक शांति पर ध्यान धरे।।
सारे जगत को योग की,
भारत ने राह दिखायी थी।
पतंञ्जलि ने योगासन करके,
स्वास्थ्य की बात बतलायी थी।।
योग और प्राणायाम करे,
प्रातःकाल हम भ्रमण करे।
ताज़ा, शुद्ध हवा लेकर हम,
स्वस्थ तन मन पर काज करे।।
अंतर्ध्यान हमसब करे,
अवसाद हम बाहर करे।
मानसिक शांति पाने हेतु,
तनाव को हमसब दूर करे।।
जंक फ्रूड से हम यूंं दूर रहे,
ड्राई फ्रुट्स का उपयोग करे।
स्वस्थ तन मन पर काज करे,
निरंतर हमसब यूं योग करे।।
तुम हंसते रहो, हंसाते रहो,
पौष्टिक आहार यूं लेते रहो।
पर्यावरण संरक्षण करके तुम,
स्वस्थ, दीर्घायु यूं बनते रहो।।
नशे पते से हम दूर रहे,
ना तन को यूं जर्जर करे।
यौवन के पल चार मिले,
मदहोशी में ना बर्बाद करे।।
स्वास्थ्य का बज़ट बताएं,
सारा विश्व साथ में आए।
सबको निःशुल्क दवा मिले,
योग दिवस पर यूं संकल्प ले।।
हर मानव को लेकर साथ चले,
स्वास्थ्य का मौलिक अधिकार मिले।
ना कभी दवा से कोई वंचित रहे,
स्वस्थ,दीर्घायु जीवन का उपहार मिले।।
मुन्ना राम मेघवाल ।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।













