
इस सृष्टि में ईश्वर सर्वव्याप्ति है
इसे सब लोगों की हित करती है
दिन रात प्रजा केलिए सोचता है
विपत्ति और कष्टों को दूर करता है।
वैसे ही मानुष दूसरों की मदद करना है
पराये बच्चों को अपने बच्चे समझना है
गरीब लोगों की सहायता करना है
अनाथों को आश्रय करना महान है।
वृद्धों की सेवा करना महान गुण है
उनके आदर भाव से देखना श्रेष्ठ है
उनकी बात पर ध्यान देना महान है
मनुष्यों को ईश्वर के रूप देखना है।
जैसे मानव सेवा ही मादव सेवा है
वैसे मनुष्य दूसरों की हित करना है
इससे मनुष्यों में मानवत्व बढ़ता है
मानवत्व से मनुष्य प्रभू बनता है।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश













