हम-सब हैं भारतवासी,
भारतवर्ष हमारा है !
जननी जन्मभूमि अपनी,
प्राणों से भी प्यारा है !!
मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे संग,
ताजमहल भी न्यारा है !
जाति धर्म मजहब से बढ़कर,
मानवता हमें प्यारा है !!
हम-सब हैं भारतवासी,
भारतवर्ष हमारा है !
सर्वधर्म समभाव समन्वय सत्य,
अहिंसा, आदर्श हमारा है !
सभी सुखी हों सभी स्वस्थ हों,
यही संकल्प हमारा है !!
छे ऋतुओं का देश हमारा,
सारे जग से न्यारा है !
जननी जन्मभूमि अपनी,
प्राणों से भी प्यारा है !!
हम-सब है भारतवासी,
भारतवर्ष हमारा है !
होली क्रिसमस ईद दिवाली,
दिल हर्षाने वाला है !
विश्व गुरु सरताज बनेंगे,
वो दिन आने वाला है !!
‘जिज्ञासु’ जन गण उठो सभी,
अब शुभ दिन आने वाला है !
आगे बढ़ो तिरंगा अपना
जग में लहराने वाला है !!
हम-सब हैं भारतवासी,
भारतवर्ष हमारा है !
कमलेश विष्णु सिंह “जिज्ञासु”











