Vijay Kumar
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साहित्य
उलझन मे हूँ
कुछ ख्वाब है मेरे,न जाने कब होगे पूरे ?प्रयास तो है जारी,फिर भी है अधुरी। अपने ही लगा दिये हैं…
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साहित्य
देवरिया के कहानीकार सूर्येंदु मिश्र सूर्य मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित
परमवीर कैप्टन विक्रम बत्रा का पूरा देश ऋणी है – कल्पकथा परिवार प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा…
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साहित्य
मन _ के भाव
जब जब आऐं मन मेंनकारात्मक से भावमन को एकाग्र कीजिएदीजिए थोड़ा सा विश्रामफिर धैर्य से बैठकरकरना इतना सा कामकॉपी पेन…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
धर्म-कर्म आधार है, भारत देश महान।करे चित्त चिंतन सदा, बने विश्व पहचान।काज सफल करते सभी, प्रथम पूज्य गणराज,सुमिरन इनका जो…
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साहित्य
दोषारोपण
ना हीं किसी पर दोषारोपण करोना ही किसी का शोषण करोना ही अनर्गल उद्घोषण करोसिर्फ अपना और अपनों का भरण…
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साहित्य
सार छंद सृजन मतवाली
प्रातकाल में लगती प्यारी, सूर्योदय की लाली।मदिर समीर सुगंध बिखेरे, प्रकृति हुई मतवाली॥मतवाली बरखा की बूँदें,भू को हर्षित करती।प्यासे खेतों…
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साहित्य
अगर वक्त पर आग न बुझी तो…
क्रूरता की आग न बुझाई गई वक्त पे,तो देश की अखंड अस्मिताएं मारी जाएंगी।दुखों के मगरमच्छ हावी होते रहेंगे तो,सुखों…
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साहित्य
खुशियों की खिड़की
खुशियों की खिड़की जैसे खुली, उजियारा देखो बोल पड़ा,सूना-सा हर एक कोना फिर, सपना बनकर डोल पड़ा। हर सुबह उम्मीदों…
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साहित्य
विचार से चरित्र तक की यात्रा
फ़िलॉसफ़ी की भी अपनी फ़िलॉसफ़ी होती है,सवालों की भी अपनी बंदगी होती है।जो उत्तरों के पीछे उम्र गुज़ार दें,उन्हें कहाँ…
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साहित्य
गीत-पावस-धरा का मिलन
घिर रहे घन श्याम नभ में, प्रीति का संदेश लें।मंद-मंद समीर गाता, आज मधुमय वेश लें॥ पंथ में पायल बजाती,…
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