Vijay Kumar
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साहित्य
क्रांति धारा
क्रांति धारा रुकती कब है,यह पर्वत से टकराती है,अन्यायों की हर दीवारों को,क्षण भर में धूल बनाती है। क्रांति केवल…
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साहित्य
आज फिर
डराती थी तनहाइयां मुझको अक्सरयादों से तेरी यह महफिल सजाई है।गम-ए-जिंदगी हो जाए ना रुसवाये जमाना कमबख्त बड़ा सौदाई है।…
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साहित्य
कृष्क देवों भव्
बादल गरज रही है गड़ गड़,बिजली चमक रही है।फिर भी देखों किसान को,खेतों में धान बों रहें हैं। रिमझिम बारिश…
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साहित्य
छोटा परिवार
विषय – जनसंख्या नियंत्रणविधा- कविता जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाना होगा,हम दो, हमारे दो को अपनाना होगा lपरिवार को खुशहाल…
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साहित्य
विश्व चॉकलेट दिवस
चॉकलेट केवल स्वाद नहीं,खुशियों का एक एहसास है।थके हुए मन को सुकून दे,मुस्कानों का मधुमास है। जब मन हो थोड़ा…
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साहित्य
कविता
यार की यारी है, जो मुझे बहुत याद आती हैउसके सीने में मैं हूं और मेरे सीने में वो है…
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साहित्य
सुबह का बिस्कुट नहीं
सुबह का बिस्कुट नहीं मैं जो अपने पेट भरने में मुझे गर्म चाय में डुबो दिया,,अजीब बात है कि सुकून…
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साहित्य
राम मन्दिर अयोध्या घोटालाः और चिंतित भारत का दोगला विपक्ष
गजब का दोगलापन हैये भारत का विपक्ष है राम मन्दिर के विरोध मे ऐंढ़ी चोटी का जोर लगानेवाला विपक्ष आज…
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साहित्य
भारत अकेलेपन में विश्व में दूसरे नंबर पर है…यह सुनकर दिल कांप जाता है।
आज सभी के हाथ में मोबाइल ,स्वतंत्र रहने की चाह ने सभी को व्यावहारिक रूप से खत्म कर दिया है…
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साहित्य
रक्षा बंधन
भाई बहिन का पर्वहर साल मनाता गर्वश्रावण मास में आता हैरक्षा बंधन पर्व होता है। पवित्र पर्व भाई बहन कोयह…
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