Vijay Kumar
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साहित्य
सुभाषित ही ख़ुशी देते हैं
सुभाषित ही ख़ुशी देते हैं हम सबको,सुभाषित ही घावों का मरहम करते हैं,भाषा ही ग़मों का कारण बनती है,कुभाषित ही…
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साहित्य
बूंद से जीवन तक
रक्तदान से बढ़कर जग में कोई दान नहीं,इसके जैसा मानवता का पावन सम्मान नहीं।एक बूंद लहू की किसी की साँसें…
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साहित्य
नशा मुक्ति अभियान
आओ एक कदम उठाएं,नशा मुक्ति अभियान चलाएं,हर जन जन को इससे बचाएं,नशा है एक जानलेवा बीमारी,इंसान फिरता नशा के लिये…
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साहित्य
हिम्मत न हारे
विषय- हिम्मतविधा- कविता चाहे राह में,कितनी भी बाधा आए,आशा को न मरने देना lचाहे सपने धुंधला जाए,हे प्रभु हिम्मत कभी…
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साहित्य
नशे की गिरफ्त में आज का युवा
नशा करना है तो पढ़ने लिखने का नशा करों अनपढ़ रहने में क्या रखा है। नशा करना है तो कुछ…
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साहित्य
मै एकस्वंय को कवि लिख रहा ‘ये मेरा गुनाह हे ये मेरा हक नही ।
न मंच न माईक सिर्फ फेशबुक पे आङे तिरछे शब्द चित्र बनाना ‘क्या आपको मेरे कवि होने पे शक नही…
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साहित्य
नशे की गिरफ्त में युवा भारत
युवा शक्ति है राष्ट्र की धड़कन,उज्ज्वल जिसका कल होता,नशे की काली छाया पड़ते,जीवन पथ विफल होता। सपनों की आँखों में…
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साहित्य
बेटे भी पराए होते हैं
उठकर पानी तक न पीने वाले,अब अपने कपडे खुद धो लेते है। कल तक जो घर के सबसे लाडले थे,आज…
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साहित्य
विजय के प्रतीक सीढियां
जिंदगी एक भँवर जैसे होती हैनित सुख दुखों से मुकाबला हैसमुद्र में लहरें आते और जाते हैंकिंतु इसे पार कर…
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साहित्य
प्रदत्त शब्द- कालचक्र
विधा -दोहा कालचक्र में सब बंँधे, कर्मों के अनुरूप।राजा होता रंक है, रंक बने है भूप।। कालचक्र के साथ में,चलता…
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