Vijay Kumar
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साहित्य
कल्प प्रगीत आनंद वात्सल्य ज्योत्सना पर्व में भक्ति, साहित्य और सेवा का अनुपम संगम।
दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा की काव्य रचनाओं पर आधारित पत्रिका राधा रस रश्मियां का विमोचन प्रभु श्री राधा गोपीनाथ…
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साहित्य
स्वच्छ भारत एक मिशन
बन्दे स्वच्छ भारत मिशन हो अपना।यह गांधी जी का था सदा ही सपना। गंदगी नहीं हो कहीं अपनी धरा पर।गांधी…
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साहित्य
आज युवकों की स्थिति
आज युवकों में बदलाव आतानित सेलफोन में लीन होताऑनलाइन गेम में भाग लेताअध्ययन में श्रद्ध नहीं दिखाता। दिन रात समय…
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साहित्य
मेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे राम।
छोड़कर सारे काम मैं आया तेरे धाममेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे रामतूं हीं पार लगाएगा मेरे जीवन के…
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साहित्य
ज़मीं और आसमान
इस जहाँ में दो तरह के लोग नज़र आते हैं,कुछ ज़मीं पर हैं, कुछ ज़मीं पर भी कहाँ रहते हैं।…
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साहित्य
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस
खेल जीवन में हैं जरूरी,इनसे होती हर ख्वाहिश पूरी। स्वस्थ तन और स्वस्थ मन हैं पाते,जीवन में नए लक्ष्य हैं…
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साहित्य
प्रवृत्तियाँ या विकार
मानव जीवन की समस्या है कि जिनप्रवृत्तियों को हम विकार मान लेते हैं,और निंदा करते हैं वे प्रवृत्तियाँ जीवनजीने के…
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साहित्य
कर्मयोग की ज्योति
कर्म ही मानव की सच्ची पहचान बनाता है।गीता का अमृत संदेश यही जग को समझाता है। फल की चिंता त्याग…
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साहित्य
झालमूड़ी का महात्म्य व्यंग
डाक्टर दीपक गोस्वामीमानवीय व्यवहार वैज्ञानिकआप देश के चर्चित लेखक,मोटिवेशनल स्पीकर, ट्रेनर,सामाजिक कार्यकर्ता है। सुनो मित्रो, सुनो। यह कथा उस दिव्य…
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साहित्य
कविता- प्रलयाग्नि
कैसी आग बरसती है ये,किसने ताण्डव मचा दिया है।सूरज आग उगलता भारी,या फिर जला दिया है। जिसने बैचेनी सी भर…
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