Vijay Kumar
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साहित्य
गौतम बुद्ध (बाल काव्य)
आओ बच्चों तुम्हें बताऊं छोटी -सी ये बातगौतम बुद्ध,एक नाम है महानसत्य की राह दिखाने वालेज्ञान की ज्योति जलाने वालेअहिंसा…
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साहित्य
एक प्यारा उपहार
गूँजी किलकारी आँगन में, आया वो अनमोल पल।बुआ ने गोदी में लिया, आँखें हुई सजल ॥ लेकर काजल की डिबिया,…
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साहित्य
जख्मों की जागीर
हालात ने बहुत बार तोड़ा मुझे,लेकिन हर बार मैंने खुद को संभाला है।आँखों में आँसू भी आए कई दफा,फिर भी…
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साहित्य
घनाक्षरी छंद: नेत्रदान महादान
नेत्र दान, महा दान,है मानवता का मान।किसी को दे नेत्रदान,पुण्य तो कमाइए।। रंग दुनियाँ के देखें,आशा की किरण देके।सदाचारी मानव…
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साहित्य
आकांक्षा
-गोवर्धन थपलियालमैं जीवन भर खुद की पहचान नही कर पाया हूंदुनियादारी में फंसा रहा खुद को समझ न पाया हूंअब…
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साहित्य
नेत्रदान दिवस
भले नेत्रदान महादान होता है साहेब लेकिन लाखों करोड़ों में कोई एक ही दान करता है लेकिन जो दान करता…
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साहित्य
दोहरी सोच का समाज
कैसी समाज की सोच बनी,कैसी है आज भी आशाएं।कपड़ों से इन्सां तौलने की,कैसी रची हैं परिभाषाये।। कोई लड़की सूट पहनती…
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साहित्य
मेरे मन के गीत
जिसको लिया है जीत ,वही मेरे मन का प्रीत ,वही तो मेरे मन में बसा ,वही मेरे मन के गीत…
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साहित्य
आज युवकों की स्थिति
आज युवकों में बदलाव आतानित सेलफोन में लीन होताऑनलाइन गेम में भाग लेताअध्ययन में श्रद्ध नहीं दिखाता। दिन रात समय…
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साहित्य
नाजुक अंग हैं नेत्र हमारे, जीवन का अनुपम वरदान,
नाजुक अंग हैं नेत्र हमारे, जीवन का अनुपम वरदान, इनसे ही पहचान जगत की, इनसे ही होता सम्मान। जिसकी आँखों…
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