Vijay Kumar
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साहित्य
इंदौर की साहित्यकार कल्याणी गुप्ता कृति कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित।
कल्प भेंटवार्ता मंच पर कृष्णनंदन भगवान प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई गई। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित…
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साहित्य
गजल
काफिया —- अर की बंदिशरदीफ—- देखो। बहर— 222—222—22=16 खुश हूँ आज बताकर देखो,मधुवन में तो आकर देखो। समय यही आया…
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साहित्य
आग लगा देता था पानी में”
कुछ गलतियाँ हुई हैं मुझसे नादानी में,मैं बुरा हूँ, कुछ लोगों की कहानी में। बचपन तो, राजकुमार सा बिता मेरा,शायद…
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साहित्य
सुनील कुमार खुराना की सोच शासन की सत्ता में महिलाओं की भागीदारी जरूरी
महिलाएं परिवार में अनेक प्रकार की भूमिका निभाती है। महिलाओं में विश्वास दूरदर्शिता, उत्साह होता है। प्रतिनिधित्व करने की सभी…
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साहित्य
प्रेम
प्रेम कहा महंगे गिफ्ट मांगता है..प्रेम तो वक्त मांगता है…तमाम व्यस्तता के बीचये कहना तुम याद आ रहे होमांगता है..चाय…
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साहित्य
पिता के कंधो पर चड़कर जो अपने घर बसाते हैं!
सच पिता को भुलकर आजकल बेटे सिर्फ जवांई हो जाते हैं!जन्मदाता से पत्नि प्रदाता बेटो कि नजर में बड़ा हैं!…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
अच्छे कर्म करने का खाता तो खोलिए साहेब शून्य से ही सही अंक अपने आप बढता जाएगा क्योंकि जरूरत है…
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साहित्य
क्यों भूल गया भगवान को
जगह जगह देखा हर जगह देखा और देखा जग जहांन कोदुनियाँ के चकाचौंध में वंदे क्यों भूल गाया भगवान कोअंत…
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साहित्य
योग बिना काया मैली
योग न खेती ऊपजै योग न हाट बिकायसाधक साधना से ब्रह्मकमल सा खिल जायनित नियमित योग है सब सुखों की…
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साहित्य
अनन्य-प्रेम
प्रेम से सींच लिया है अब शुक-मैना ने ये तन-मन।प्रेम ढोलकी बाज उठी,जिया धडकाए उच्छल-तरंग। बुद्धि है एक बाज शिकारी,…
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