Vijay Kumar
-
साहित्य
लड़ाई
हे भगवान् ये तेरी दुनियाँ को क्या हो गयाजन्नत पुरसुकून की ये धरा लड़ाई का मैदान हो गया हताश इंसान…
Read More » -
साहित्य
आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं
मैं यही अपराध तो हर बार करता हूँ,आदमी हूँ, आदमी से प्यार करता हूँ। नफ़रतों के धुएँ से घुट रहा…
Read More » -
साहित्य
लड़ाई
हे भगवान् ये तेरी दुनियाँ को क्या हो गयाजन्नत पुरसुकून की ये धरा लड़ाई का मैदान हो गया हताश इंसान…
Read More » -
साहित्य
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर किया गया सराहनीय कार्य
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर शिक्षक श्री नंदकिशोर गौतम (माध्यमिक शिक्षक) शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी दुवारा बच्चों के साथ…
Read More » -
साहित्य
परलकोट साहित्यिक मंच द्वारा डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्यासागर ” साहित्य त्रिवेणी सम्मान ” से किए गए सम्मानित।
बीती 18 मई 2026 को परलकोट साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ द्वारा ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस काव्यगोष्ठी में…
Read More » -
साहित्य
गजल
कभी पास आना जगाकर तो देखो ,हम तुम्हीं सखा मुस्कुरा कर तो देखो। कभी दर्द दिल की वफा यूँ जताते,अँधेरी…
Read More » -
साहित्य
राजनिति
बुरे हालत हैं साहब जिधर देखो बेदर्दी है,हुकूमत ज़ालिम की है उसी के साथ वर्दी है।लगी है आग नफरत की…
Read More » -
साहित्य
काॅकरोच जनता पार्टी।।
आओ हम सब यह ऐलान करे,काॅकरोच जनता पार्टी जाॅईन करे।राजनीति में हम अपने कदम धरे,सीधे सिंहासन पर हम यूंं वार…
Read More » -
साहित्य
जय गौ माता विधा कविता।
अनपढ़ गाँव में गाय चराए और खाए दुध मलाई। पढ़ेलिखे शहर में कुत्ते घुमाए यह फैशन देखा न जाय।। बड़ी…
Read More » -
साहित्य
प्रकृति
विषय- अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवसविधि- कविता 22 मई का बड़ा सुहाना है दिन,अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस को बनाये हम रंगीन…
Read More »









