Vijay Kumar
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साहित्य
अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस
नारी नारी नारी सब भजत नारी का ना हुआ कोयजो नारी को भजत जोरू का गुलाम कहलात होय दुभाषिय चक्रव्यूह…
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साहित्य
नारी तुम नारी हो
नारी तुम नारी हो, तुम शक्ति हो,तुम ही हो जो जीवन को सजाती हो।तुम खुद लिए लड़ती हो और आवाज…
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साहित्य
“पत्नी __गृह लक्ष्मी”
वंदन होता जहां ज्योति का ,रहता अमर प्रकाश वहीं ।जहां नारियों का पूजन है,देवों का आवास वहीं ।। गृह लक्ष्मी…
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साहित्य
नारी
सृष्टि का मूल रूप स्त्रीजन्म देनेवाली पवित्र स्त्रीसभी को प्रेम दिखानेवाली स्त्रीविरोधों को खंडन करती स्त्री। गृहिणी के रूप कार्य…
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साहित्य
आधी आबादी को नमन
नारी,तु हो नारायणी ,माँ हो,तु हो कल्याणी । हो तु जगत जननी,सबो की,आनंददायिनी । तेरे हर रूपों की कहानी,देखे है,और…
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साहित्य
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
मत हिला तू उस महिला को ,हिलाते हिलाते तू हिल जाएगा ।दृढ़ पग को तू हिला न सकेगा ,स्वयं ही…
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साहित्य
अष्टभुजा अवतार
सुबह जल्दी उठकर काम निपटाती है सारे,बाऊ जी का गर्म पानी अम्मा की फिर चाय बनानी ।घर में पहले लगाऊं…
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साहित्य
मां,की महिमा,।
मां,की महिमा,,।।सबसे बड़ी है मां,ओ ,पगले,,।2सबसे बड़ी है मां,,2 मां, का कोई मोल नहीं है,मां, जैसाओरकोई नहीं है।,मां ,ही है…
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साहित्य
नारी–एक उजली किरण
नारी केवल नाम नहीं,जीवन की मधुर पहचान है।अंधेरों में जो दीप जले,वह साहस की मुस्कान है।ममता जिसकी गहरी नदी,हिम्मत जिसका…
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साहित्य
“नारी: निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति”
त्याग की पावन मूरत है वो, ममता की अविरल धारा है,सृष्टि के हर एक स्पंदन में, उसका ही सहारा है।न…
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