Vijay Kumar
-
साहित्य
जिंदगी की खुद्दारी
ज़िन्दगी में बस यही एक काम ना हुआ,जी हुजूर, जी हुजूर और सलाम ना हुआ। बेच के जमीर सब बन…
Read More » -
साहित्य
प्रेम विवाह, छुटकारा, बिखराव
आजकल शीघ्र प्रेम विवाह के साथशीघ्र पति-पत्नी के अलग होने कीपरम्परा का भी रिवाज चल रहा है,फ़िल्मी सभ्यता का विकास…
Read More » -
साहित्य
कल्पकथा मासिक सम्मान समारोह जून २०२६ एवं २५२वीं साप्ताहिक काव्यगोष्ठी आयोजित।
नवाचार से प्रेरित हिंदी साहित्य के आयोजनों में देश विदेश के साहित्यकार सम्मानित प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की…
Read More » -
साहित्य
शिक्षा का निजीकरण और अवाम पर इसका प्रभाव।
शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। यह न सिर्फ व्यक्ति का विकास करती है, बल्कि समानता और न्याय…
Read More » -
साहित्य
पर्यावरण संरक्षण की बदलती रणनीति एवं इसका प्रभाव।
पर्यावरण अब सिर्फ ‘पेड़ लगाओ’ का नारा नहीं रहा। क्लाइमेट चेंज, ग्लेशियर पिघलना, बेमौसम बारिश और 50 डिग्री की गर्मी…
Read More » -
साहित्य
यदि भला चाहते हो??
यदि भला चाहते हो?तो,सचमूच मे भला करो न?इधर उधर की बाते लाकरहमको भ्रमित मत करो न? जो कुछ तेरे मन…
Read More » -
साहित्य
(no title)
विषय – वो आखिरी मुलाकातकांपती सांसें थीं तुम्हारी,मेरी आँखों में बरसात थी,जब हमारे बीच वो दर्द में डूबी,वो आखिरी मुलाकात…
Read More » -
साहित्य
The Coming Demographic Reckoning: Should India Rethink Retirement in the Age of Longevity?
By Ompal Singh For decades, India has celebrated its demographic dividend. A young population, a growing workforce, and a seemingly…
Read More » -
साहित्य
तलाश खुशी की
इस जग सभी करें खुशी की तलाशये समायी किसी के लिएभौतिक जगत मेंतो कोई करे अंत:करण मेंजहां अनुभूति हो ….…
Read More » -
साहित्य
गजल सृजन
काफिया –आनरदीफ –दो सारथी।बहर -212–212–212–212=20 प्रेम को दिल लगा ध्यान दो सारथी,दूर हों नफरतें ज्ञान दो सारथी। कठिन राहें मिले…
Read More »









