Vijay Kumar
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साहित्य
रखवाला
मेरा एक वही तो रखवाला है ,जिनका अहंकार निवाला है ।देवों के देव शिव महाधिदेव ,भोले भंडारी शंभू निराला हैं…
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साहित्य
द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ में डॉ. गीतांजलि जैधे का मानद सम्मान
हरिद्वार। हरिद्वार में 29–30 अगस्त 2026 को आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ का भव्य समापन हुआ।…
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साहित्य
अब आसमाँ में तारे नहीं दिखते
अब आसमाँ में तारे नहीं दिखते,वो ख़ूबसूरत नज़ारे नहीं दिखते। ध्रुव तारा, सप्त तारे तारों के बीच,तेरे नाना, मेरे दादा—सारे…
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साहित्य
नन्ही-सी मुस्कान में
नन्ही-सी मुस्कान में, संसार समाया है,माखन-सी मासूमियत ने मन को रिझाया है। मोरपंख सिर पर, अधरों पर मधुर मुस्कान,हाथों में…
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साहित्य
राधा-कान्हा प्रेम कहानी
बरसाने की गली सजी हैं, राधा का है रंग।मधुर तान मुरली की गूंजी, कृष्ण प्रीत के संग। राधा की चितवन…
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साहित्य
सांस्कृतिक पुनर्जागरण
वे हिंदू हिंदू करते रहते हैं,पर हिंदी लिखना भूल गये,गाँधी को भी गाली देते हैं,जो दुनिया के सम्मानित हैं। खादी…
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साहित्य
ऐ – जो सपने
ऐ जो सपने जो कभी लगते हैं अपनेमुझे लगता है भ्रम होते हैजो सुप्तावस्था में देखे जाते हैवह सदैव उलट…
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साहित्य
सवालों में मुझे ढूँढ़ लेना
रख लो हाथ अपने दिल पर,फिर पूछ लेना सवाल।कुछ बोलूँ मैं, कुछ बोलो तुम,फिर दिल का हिसाब रख लेना। अख़बार…
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साहित्य
कविता
अब आएगा जीने का मजा,डर पिछे छुट गया है, जाकों राखें सांईयां,मार सके ना कोई,अब दुश्मन पीछे छूट गया है…
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साहित्य
मेरी भाषा मेरा अभिमान
मेरी भाषा मेरा अभिमानमेरे मन को है सिर्फ इतना सा ज्ञानऐ मेरी मातृ भाषा है सूर्य समानजो हर भाषा को…
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