Vijay Kumar
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साहित्य
लल्ला तुम्हें बुलाऊँ
उत्साहित मन सोच रहा ,कृष्ण कैसे मिलने आऊकैसे पहनूं,पायल मैंकैसे तुम्हे रिझाऊं।। कैसे कह दूं ,बात हृदय कीकैसे तुम्हें ,व्यथा…
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साहित्य
द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ में डॉ. बुशरा रहमान का मानद सम्मान
हरिद्वार। हरिद्वार में 29–30 अगस्त 2026 को आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय दिव्य गंगा महोत्सव एवं साहित्यिक कुंभ का भव्य समापन हुआ।…
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साहित्य
कृष्ण मन
‘कृष्ण मन’————-द्वार पर भीगे नयन हैंअश्रु से गीले बयन हैंइस विदा का भार लेकर जा रहा हूँ ताल पर लय…
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साहित्य
क्यों रोया हिमालय
विषय – प्राकृतिक आपदा क्यों आज हिमालय रोया है,क्यों सन्नाटा छाया है,जिस धरती पर जीवन था,वहीं दर्द उतर आया है।…
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साहित्य
शब्दों की माला
विधा – कविता ये जीवन तो मेरे माधव ने दिया है,जिंदगी जीने का सहारा भी तुमने ही दिया है।इन खुली…
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साहित्य
मुक्तक(विशेषक)
छुपाते प्यार हैं दिल में छुपाते प्यार हैं दिल में, नहीं हमसे जताते हैं।हृदय में प्रेम कितना है, नहीं मुझको…
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साहित्य
बालिका को पढ़ने दो
बेटियों को पढ़ने दोजीवन उसका संवरने दोमत करो फर्क बेटा और बेटी मेंसमानता का अधिकार दोये फूल है सुंदर बगिया…
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Uncategorized
पसंद करने और प्यार करने मे क्या अन्तर है
प्यार दिल और आत्मा से होता है पसंद के लिये ये जरूरी शर्त नही है । प्यार निस्वार्थ होता है…
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साहित्य
कच्छ की अस्मिता : विस्मृत इतिहास और लोकनायकों को स्मृति में लौटाती कृति
कानजी माहेश्वरी की पुस्तक इतिहास, संस्कृति, वीरता और सामाजिक समरसता के बहाने कच्छ की सामूहिक चेतना को समझने का प्रयास…
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साहित्य
कनक , स्वर्ण , सोना
सोने से तो पूरा घर भरा ,चैन की नींद सो न सका ।सोना छिना रात में सोना ,रोते रोते भी…
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