Vijay Kumar
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साहित्य
श्रमिक
वह निरंतर मेहनत करता हैआलसीपन को छोड़ देता हैसर्दी गर्मी को गिनती नहीं हैनिस्वार्थ भाव से कार्य करता हैश्रमिक समाज…
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साहित्य
नसीहत।।
गम इतना कभी ना देनाखुशी इतनी कभी ना देना,साये में जिसके आके,,कहीं दम निकल ना जाए,। खुश हूं मैं तेरी…
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साहित्य
मेरी कविता
मेरी कविता वो कविता हैजो अमर गीत गुणगान करें,,,है शंखनाद,यह,,उस मानवता का,जो दानवता का विनाश करें ।यह है, विजय घोषउस…
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साहित्य
माँ: एक मज़दूर, एक ममता
मैं कौन हूँ, क्या नाम मेरा, बस इतना जानो ‘मज़दूर’ हूँ,सम्मान मिला जो आज मुझे, मैं खुद भी उससे हैरान…
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साहित्य
विश्व मजदूर दिवस।।
आज हम सब यूं मिलकरके,विश्व मजदूर दिवस मनाते हैं।विश्व सामाजिक समरसता का,मन्नू हम मिलकर पाठ पढा़ते है।। राष्ट्रपिता ने मजदूर,…
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साहित्य
श्रमिक का महत्त्व
है श्रमवीर! तुम्हें मेरा नमस्कार हैतुम हो श्रम की गरिमाश्रम से ही दुनियां सारी हैश्रम से ही लक्ष्य है पातेश्रम…
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साहित्य
मार्ग की सीख
विषय- अनजाने रास्तेविधा- कविता ये रास्ते कहाँ जा रहे हैं,हमें कितना कुछ सीखा रहे हैं lबस पहुँचने ही वाले हैं,ऐसा…
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साहित्य
निर्वाण की खोज में
(बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष) इस धरा पर जन्म पाया मनुज रूप मेंहुई निश्चित कुछ विधाएं जीवन के नित**राज्य धर्म, पुत्र…
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यकीं
यकीं है नही एक दूजे पर बस जिंदगी की डोर पकड़े चले जा रहे हैकुछ उसकी मजबूरियाँ कुछ हमारे सितम…
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साहित्य
सौंदर्य लाडली का
प्रारंभी नेह:श्री किशोरी राधा रानी का, रूप सौंदर्य अद्भुत है ।प्रेम से जब देखे भक्तों को, मुग्ध माधुर्य अद्भुत है।।…
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