Vijay Kumar
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साहित्य
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर विशेष
“मिलावट __उन्मूलन”“”””””“ कहां खो गई ममता, करुणा,कैसे? इतना क्रूर हो गए ?यत्र, तत्र, सर्वत्र मिलावट,कितना मद मे चूर हो गए…
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साहित्य
दादी एक बार वापस आ जाओ ना
दादी ! आज तुम्हारी बहुत ज्यादा याद आ रही हैँ,इतनी ज्यादा की खुद को संभालना मुश्किल हो रहा हैँ। पता…
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साहित्य
उम्र के समंदर में,
उम्र के समंदर मेंमौज़ दर मौज़आती जा रही,गोया के जवानी की रवानीहर मौज़ लेती जा रही। चेहरे की लुनाई,जेहन की…
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साहित्य
बिहार से सुनील कुमार खुराना को विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण मित्र सम्मान 2026 से सम्मानित किया।
नकुड़ सहारनपुर. 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर तहसील नकुड़ सहारनपुर के शिक्षक,साहित्यकार सुनील कुमार खुराना को एम…
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साहित्य
बेटियां
बेटियाँ केवल बेटियाँ नहीं होतीं,वे घर की धड़कन होती हैं,पिता के चेहरे की मुस्कान,माँ की आँखों का दर्पण होती हैं।…
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साहित्य
ग़ज़ल
मुस्कुराकर देखता हूँ।ग़म भुलाकर देखता हूँ। मैं बराबर ज़िन्दगी को,आज़मा कर देखता हूँ। वास्ता रखता वही हूँ ,जो निभाकर देखता…
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साहित्य
स्त्री तो माता लक्ष्मी है
स्त्री तो माता लक्ष्मी है,पार्वती व सरस्वती है,दुर्गा काली भी वह है,सत्यवान की सावित्री है। झाँसी की रानी है,स्त्री इंदिरा…
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साहित्य
डॉ • भीम राव अम्बेडकर
स्वतन्त्रता के बाद भारत में,उत्तम शासन व्यवस्था कैसे चले ?देश की कानून व्यवस्था,उत्तम कसौटी पर कैसे ढले ? इन प्रश्नों…
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साहित्य
गीतिका : “माटी के घट पर बैठी चिड़िया”
माटी के घट पर बैठी चिड़िया, प्यास लिए कुछ आई है,तपते मौसम की चौखट पर, जीवन-धुन दोहराई है। पीले पत्ते…
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साहित्य
मातृ-पितृ भक्त श्रवण
माता पिता भक्त वह, श्रवण कुमार यह,कहें कथा पौराणिक , सबको सुनाइए। लेकर कांवर चले, नेत्रहीन दोनों भले,तीर्थ इच्छा पूर्ण…
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