Vijay Kumar
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साहित्य
नकुड़ के शिक्षाविद सुनील कुमार “खुराना” को मिली राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी साहित्यिक पहचान
नकुड़, सहारनपुर (उ.प्र.), 31 अगस्त 2026 – सहारनपुर जनपद के नकुड़ कस्बे के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण आया है।…
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साहित्य
खुशियों की कीमत..
विधा… कविता खुशियों की कीमत उन माता-पिता से पूछिये, जिन्होंने एक संतान को जन्म दिया हो।यह खुशी उनके लिये अनमोल…
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साहित्य
गीत
श्याम श्याम घनश्याम, ऐ मुरलीवाले।नाव हैं अब मेरी, तेरे हवाले।।बीच भंवर में ये, डोल रही हैं,तू न सम्हाले तो, इसे…
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साहित्य
भगवद् से भीमराव भले
विधा लेख – व्यंग्य जिस वेद में हो वेदना ,होता वह तो वेद ना ।मानवता नाम उसीका ,आपस में हो…
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साहित्य
रविवारीय प्रतियोगिता हे
मेरी भाषा मेरी पहचानमेरी भाषा मेरा अभिमान मेरी बोली मेरी वाणी,मेरी सदियों पुरानी कहानी। अक्षरों में बसा जीवन मेरा,शब्दों में…
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साहित्य
मेरी भाषा मेरा अभिमान
दिनांक : 30 अगस्त , 2026विधा : कवितामेरी भाषा मेरा अभिमान ,तिरंगा जिसका पहचान ।क्यूॅं न मैं इसपे इठलाऊॅं ,और…
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साहित्य
मेरी भाषा मेरा अभिमान
कविता रविवारीय प्रतियोगिता हेतु कविता“””””””””””””””””””””””””””विषय – मेरी भाषा मेरा अभिमान मधुर ध्वनि से गीत कोई गुंजन करता है,जब जब मन…
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साहित्य
कलयुग का खुदा
बेशर्म सी जिंदगी बेशर्म इंसान हैछाती पर चढ़ा उसका बद ईमान है पैसे की भूख मे जमीर से खुद के…
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साहित्य
मोल नहीं जिनका अंजुलि भर था
कितने घातों प्रतिघातों से गुजरा,पर विह्वहल कातर ना कभी हुआ,मुग़लों अंग्रेजों से बाज भेड़िये आये,खूनी खेल खेल कर भारत लूटा।…
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साहित्य
जल-प्रलय/सैलाब
जल ने जब विकराल रूप धर, मचाया हाहाकार,डूब रहें हैं घर गाँव सभी, बहता रहा संसार।प्रकृति से छेड़छाड़ नतीजा, इंसान…
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