Vijay Kumar
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साहित्य
उम्रदराज़ की इज़्ज़त
सफलता पाने का यह एक उसूल है,वह सब भूल जाइये जो फ़िज़ूल है,बढ़ती उम्र में जाने क्या सोच लेते हैं,दिखावे…
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साहित्य
चुटकियां
दोस्त ने हमें नृत्य दिवस की शुभ कामना भेजी ।हमने भी जवाब में कहा“आप भी पत्नी के आगे सालभर नाचते…
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साहित्य
लेख।
गर्मी का मौसम केवल तापमान नहीं बढ़ाता, यह समाज की सोच और जीवनशैली के अंतर को भी उजागर कर देता…
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साहित्य
अच्छा है
आज हम जाति में बँट रहे हैं—अच्छा है,कल भगवान भी बँट लेंगे—अच्छा है।राम तेरे, श्याम मेरे,शिव मेरे, विष्णु तेरेफिर कोई…
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साहित्य
वक़्त के सितम
अब सहा नहीं जाता वक़्त के ये सितम,दिल भी थकने लगा है ये हर रोज़ का ग़म। हर लम्हा जैसे…
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साहित्य
गणपति वंदना
सब देवों में प्रथम तुम्हीं हो, सिद्धिविनायक दाता,विघ्नेश्वर शुभ मंगलकारी, खोलो दया के द्वार।सबके प्रिय हितकारी स्वामी, संकट हरने वाले,जय…
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साहित्य
एक नगमा ।।
बिन फेरे हम तेरेहो गये आज से,,माना प्यार ये करनाजुल्म है सही 2दर्दे दिल को सहेये तो मुमकिन नहीं2बिन फेरे…
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साहित्य
जीवन खेला।।
खेला दिलों का आता है,एक बार,,ये आके चला जाता है।2 खेला बहारों का आता है,एक बार,,ये आंके चला जाता है।।2…
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साहित्य
हमें बुरा कहने वाले
हमें बुरा कहने वालेहमें अच्छी तरह जानते है ।हम उनके बुरे वक्त में काम आते है ।इसी लिए बुरा रिश्ता…
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साहित्य
खुद के दुख का कारण
खुद के दुख का कारण केवल अनगिनत चाह होती है।हर समय दूसरों में झाँकने के कारण ही आँखें रोती हैं।।…
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