Vijay Kumar
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साहित्य
यह समाज और गजानन
इस पूरे समाज को देख मन आहत हैप्रभु सिर्फ इतनी सी चाहत हैयादि कोई व्यक्ति अनजानें में भूल करेतो गजानन…
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साहित्य
आईना भी झूठा है
आईना भी झूठा है,वो भी झूठी बातें करता है,चेहरे की हक़ीक़त दिखाकरदिल की सच्चाई से पर्दा करता है। वो तो…
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साहित्य
हांकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी
हॉकी के जादूगर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद की राजपूत घराने में हुआ था। इनके पिता का…
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साहित्य
भविष्य का शिक्षक कैसा होगा?
विधा- कवितामौलिक रचना भविष्य का शिक्षक ज्ञान का दीप जलाएगा,हर बच्चे के सपनों को पंख लगाएगा। तकनीक के संग शिक्षा…
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साहित्य
उम्र के सुहाने दिन
कब दिन निकला,कब सूरज ढला,कब रात हुई पता ही नहीं चला, साल के ये तीन सो पेंसठ दिन,जागे भागे किस…
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साहित्य
जैन पर्व रक्षाबंधन
नहीं केवल कलाई पर बंधा, येप्रेम का धागा है,इसमें तप की शक्ति बसी संयम का अनुरागा है।जहाँ धर्म संकट में हो औरश्रमण संस्कृति पर उपसर्ग,वहाँ रक्षा कर स्वयं धर्म बचानेवाला बड़भागा है। वन की नीरवता में जब, तप की धुन बजती थी,मौन अधरों पर आत्मा की, निर्मल ज्योति सजती थी,अकंपनाचार्य…
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साहित्य
मेरी भाषा मेरा अभिमान
मेरी हिंदी भाषा,मेरी शान है।ये मेरी और मेरे देश की पहचान है ll मेरी प्यारी भाषा हिंदी,दुनिया की हर भाषाओ…
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साहित्य
जब रौशनी–किरण बन कर लौटी
समय की गति भी कितनी विचित्र होती है। कभी रुलाती है, तो कभी अतीत की किसी भूली-बिसरी खुशी को नए…
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साहित्य
राखी: स्नेह की डोर
अनुपम त्यौहार है राखी, भाई-बहन का निश्छल प्यार।श्रावण पूर्णिमा का सब बहनों को रहता है इंतजार।। रेशम के धागे से…
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साहित्य
जिंदगी जीते हैं, जीने का सबब मगर मालूम नहीं
जिंदगी तो जी लेते हैं सभीपर जीने का सबब है क्या.?मालूम नहीं हैये जिंदगी एक अनोखा मंच हैरंगमंच पर सभी…
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