Vijay Kumar
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साहित्य
कहानी- भृत्य या भूतयज्ञ
आज कक्षा में अध्यापक रोज की तरह बच्चों को पढ़ा रहे थे। उसी समय एक व्यक्ति जो नाई था, स्कूल…
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साहित्य
सावन का रहता है इन्तजार
कब हो बर्षा? हरियाली छाये,मधु ऋतु अपना शरगम सजाये।हरियाली से प्रकट हों विविध रंग,कब सावन अपनी आहट सुनाये।। बर्षा ये…
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साहित्य
सावन के (बरखा) गीत
सर्व तपै जो रोहिणी,सर्व तपै जो मूरतपै जेठ की प्रतिपदा,उपजै सातो तूर,शुक्रवार की बादरी,रही सनीचर छाय,तो यों भाखै भड्डरी,बरखा बरसै…
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साहित्य
कविता –बारिश में तेरी याद
मौसम हैं सुहाना, चल रहे हैं हवाएं किया दिख रहे हैं खूबसूरत नजारे.. बादलों की गर्ज, पानी की बौछार बारिश…
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साहित्य
कविता
इक अलसाई रात जवां सी ,वजह कोई इक बात कहा की,करवटों मे ही सब रह गई,होना था जिसे आसक्त आलिंगन…
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साहित्य
कइसे धरीं हो हम धीर
कइसे धरीं हो हम धीर सजनवांकइसे धरीं हो हम धीर! जब जब बगिया में बोले ले कोयलिया,हियरा में चूभेला तीर…
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साहित्य
दायरे
दायरे इतने सीमित रखे है उसने ,कि वह दिवारो से झांकता है,बंद खिड़कियों को रखा है, और,किवाडों से पग नापता…
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साहित्य
(no title)
साहित्यकार डॉ अभिषेक कुमार द्वारा लिखित पुस्तक गिरवी ज़मीर का शीघ्र विमोचन। ब्लॉक मिशन प्रबंधक ठेकमा सह विख्यात साहित्यकार डॉ.…
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साहित्य
उसकी चुप्पी उसकी कमज़ोरी नही।।
उसकी चुप्पी उसकी कमज़ोरी नही,पर बोलेगा तो देखना वह बोलता रह जाएगा,पूछते हो क्यूं तो कोई जवाब तो नही देगा…
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साहित्य
“क्या जरूरी है हम उनसे डर के रहें “
बस , रिवायतें ही तो हैं…..क्या जरूरी है हम उनसे डर के रहेंखोल दो सोच के बंद पिटारे कोस्वच्छंद विचारों…
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