Vijay Kumar
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साहित्य
कविता
कोई नहीं जानता है मेरे दिल के ज़ख्मों को,आज भी मेरे दिल पर गहरे निशान हैं , तुमने कहा था…
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साहित्य
डॉ. मोहिनी गुप्ता राजगढ़ मध्यप्रदेश ने अपनी काव्य प्रस्तुति से प्रभावित किया
इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब में गत रविवार को आयोजित कवि और कवयित्री सम्मेलन में डॉ. मोहिनी गुप्ता राजगढ़ मध्यप्रदेश ने…
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साहित्य
स्वाभिमान का पंख
स्वाभिमान का पंख लगाकर,ऊँची भरता उड़ान।आँधी चाहे कितनी आए,रखता अपनी शान॥ सत्य, साहस के पथ पर चलना,जिसका दृढ़ संकल्प।लोभ, प्रलोभन,…
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साहित्य
सावन से विनय
जरा थम के बरसना ये सावन, कुछ यादें सँवरना बाकी हैं।मन की सूनी इस चौखट पर, प्रीत – बूँदों का…
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साहित्य
लेख
शहर लखनऊ में बसे एक बड़े आईएएस अफसर रहने के लिए आए जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे। ये…
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साहित्य
तूफ़ानों से मुझको बैर नहीं
तूफ़ानों से मुझको बैर नहीं तूफ़ानों से मुझको बैर नहीं, मैं उसका सहचर,साथी हूँ,मंज़िल की मुझको चाह नहीं, बस चलते…
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साहित्य
कविता
बरसात की बूँदें जब काँच पे दस्तक देती हैं,तेरी यादें भी दिल के दरवाज़े पर आकर खड़ी हो जाती हैं।…
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साहित्य
मनुष्य के गुण चीनी से होने चाहिए
किसी एक पत्थर को ख़ूब तराश करदेवता की मूर्ति का रूप दिया जाता है,दूसरे बदनसीब पत्थर पर नारियलफोड़ कर मूर्ति…
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साहित्य
शिव
कुंचित घुँघराले केशों सेगंगा की अविरल धार बहेकाले काले विषधर भुजंगगौरांग अंग में लिपट रहे भव बाधा नष्ट करे पल…
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साहित्य
पहली बारिश मे रंग उतर जाते है
पहली बारिश मे रंग उतर जाते हैछदम पौश दुनियाँ के नकाब हट जाते हैदावे तो बहुत होते है असलियत तो…
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