Vijay Kumar
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साहित्य
सूरज हुं मैं
सूरज हुं मैं ,नहीं किसी मैं बुझने वाला , अब नहीं आएंगे जय हनुमान,मुझे मुंह में अब कोई नहीं है…
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साहित्य
आदित्य भारत- भारती
पैदा हुये, बचपन खिला, यौवन जिया,अब वृद्ध हम सब हो चले,कौन थे, फिर क्या हुये, फिर क्या सेहम क्या हुये…
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साहित्य
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती
लोकमान्य तिलक, राष्ट्र-ज्योति, जन-मन के थे प्राण।स्वाधीनता का मंत्र दिया, बढ़ा दिया सम्मान॥ “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार” अमर उद्घोष,जाग उठा…
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साहित्य
(no title)
सवालों पर पहरा लाठी से सत्य झुकता नहीं, ये बात पुरानी है,सत्ता की हर गलियारे में आवाज लगानी है। वे…
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धर्म
భాగ్యనగర్ గణేష్ ఉత్సవ సమితి కార్యాలయ ప్రారంభోత్సవం ఘనంగా నిర్వహణ – 47వ సామూహిక గణేష్ నిమజ్జనోత్సవాలకు శ్రీకారం
భాగ్యనగర్ గణేష్ ఉత్సవ సమితి కార్యాలయ ప్రారంభోత్సవం ఘనంగా నిర్వహణ – 47వ సామూహిక గణేష్ నిమజ్జనోత్సవాలకు శ్రీకారం హైదరాబాద్: భాగ్యనగర్ గణేష్ ఉత్సవ సమితి ఆధ్వర్యంలో…
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धर्म
भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति के कार्यालय का भव्य उद्घाटन, 47वें सामूहिक गणेश विसर्जन महोत्सव का शुभारंभ
हैदराबाद। भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति द्वारा आयोजित 47वें सामूहिक गणेश विसर्जन महोत्सव के उपलक्ष्य में समिति के नए कार्यालय का…
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साहित्य
प्रायश्चित
एक कर्म होता है वोजानबूझकर कर होता है जोएक कर्म अनजाने में घटित होता है वोपौराणिक इतिहास व धर्मशास्त्र कहता…
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साहित्य
माना कि देश चलाते हों
विषय- कर्मो का हिसाबविधा- कविताशीर्षक- माना कि देश चलाते हो माना कि देश चलाते हो,तुम करो जरा वफादारी।जब खाता खुलता…
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साहित्य
तिरंगे की शान
विधा : पद्य जिस देश का सुदृढ़ आज है ।उसी का मजबूत जहाज है ।।जिस देश सौराष्ट्र महाराष्ट्र है ।अपना…
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साहित्य
क्षणभंगुर
सत्य कर्म है क्याऔर असत्य है क्याजाने सब की अंतर्रात्माजान गया अगर सत्य कोकैसी भी हों परिस्थितियांसदात्मा न करे परवाह।…
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