Vijay Kumar
-
साहित्य
कविता
“कुछ व्यक्तित्व इतिहास नहीं, युगों की चेतना बन जाते हैं।अमर क्रांतिवीर चंद्रशेखर आज़ाद उन्हीं अमर विभूतियों में से एक हैं।”…
Read More » -
साहित्य
बात दिल की मान कर तो देखो,
बात दिल की मान कर तो देखो,ज़िंदगी गीत गाने लगेगी,जो दबे थे अरमान सीने में,उनकी आवाज़ आने लगेगी। क्यों सवालों…
Read More » -
साहित्य
बारिश
बारिश सिर्फ़ मौसम नहीं…बारिश सिर्फ़ मौसम नहीं है,एहसासों का एक अनवरत सफ़र है।हर बूँद अपने साथकिसी भूली हुई याद का…
Read More » -
साहित्य
इस्तीफा
दिल्ली की सड़कें गवाह हैं,यहां किताबें नहीं, बैरिकेड बिकते हैं।यहां डिग्री नहीं, तारीखें लटकती हैं।और यहां भविष्य नहीं, सपने कुचले…
Read More » -
साहित्य
प्रतिरोध की कविता
प्रेम नहीं कविताओं में,अब प्रतिरोध पढ़ा जाएगासत्य के पन्नो पर ,सोचा न था ,झूठ गढ़ा जाएगाये युग भी देख लिया…
Read More » -
साहित्य
ग़ज़ल
सोच अपनी बदल नहीं पाए।हम किसी राह चल नहीं पाए। आजमाते रहे कभी जिनको,उन रिवाज़ो में ढल नहीं पाए। आस…
Read More » -
साहित्य
कविता
अंतिम युद्ध अंतरंग द्वंद्व सा अंतर्द्वंद्व बंध से मन का !लड़ रहे हो क्या जीवन को तुम या फिर सफ़र…
Read More » -
साहित्य
यहां सब अलग है।
जितने लोग उतनी बातें सच अलग है।कहा लोग एक से नजरिया सब अलग है।। दिखावें के दौर ने सब कुछ…
Read More » -
साहित्य
देश का भाग्य विधाता है बच्चे
स्टुडेंट के लिए भीकुछ लिख कर आपडाल दें,आने वाले कल के लिए निशानी होंगी। एक कविता लिखी जाएं तो वो…
Read More » -
साहित्य
खाली हाथ आया है
हांथ पसारे आया है तूं और हांथ पसारे जाएगा,क्या लेकर तूं आया है और क्या लेकर तूं जाएगा।खाली हाथ आया…
Read More »









