Vijay Kumar
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साहित्य
स्वस्थ , निरोग , तंदुरुस्त
स्वस्थ हूॅं तो स्वस्थ अरमान है ,स्वस्थ हूॅं तो अपना जहान है ,जीवन संगी है यह माता धरा ,स्वस्थ हूॅं…
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साहित्य
तिरंगा-राष्ट्र ध्वज
भारत का राष्ट्रीय ध्वज, जिसे तिरंगा भी कहा जाता है, तीन रंगों की क्षैतिज पट्टियों से बना है:-केसरिया ऊपर, सफेद…
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साहित्य
शब्दों से ही जीवन में…
शब्दों से ही जीवन में,बनता है यारों व्यवहार |शब्द ही हमें घाव देते,शब्द ही देते हैं प्यार.. बिना शब्दों के…
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साहित्य
राष्ट्र का भविष्य
राष्ट्र का भविष्य लिखते, आज के नन्हे विहान,ज्ञान, श्रम, संस्कार से ही, पाएँ ऊँचा मान।सत्य, सेवा, त्याग, तपस्या, हों जीवन…
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साहित्य
पार्वती अष्टमी पर्व को समर्पित रहा कल्प कथा मंजूषा कार्यक्रम।
अंबेडकर नगर के कथाकार रमापति मौर्य कल्प मंजूषा प्रशस्तिपत्रम से सम्मानित प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से…
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साहित्य
कविता
क्या तुमने कभी देखा हैबेरहम चेहरा जो नज़र नहीं आता हैऔर अपना काम करना चाहता है। क्या तुमने कभीसुना हैखड़ी…
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साहित्य
पं. निरंजन द्विवेदी वत्स का 75 वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया
( अमृत महोत्सव सिसोदिया पैलेस में संपन्न हुआ) जबलपुर - संस्कारधानी जबलपुर के वरिष्ठ कवि साहित्यकार समाजसेवी पं. निरंजन द्विवेदी…
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साहित्य
आस्था का महापर्व : जगन्नाथ रथयात्रा
आओ मिलकर गान करें, जय जग के नाथ की,निकली आज रथयात्रा, महिमा अपरंपार की। नीलाचल से निकले प्रभु, करुणा के…
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साहित्य
सक्षम का गीत – “जीवन की उड़ान”
चलो चलें, कदम मिलाएँ,जीवन कौशल अपनाएँ।तीन आयाम, ग्यारह शक्ति,सक्षम बनकर जग महकाएँ॥ (स्वयं की पहचान)आत्म-जागरूक बनें सभी,आत्मविश्वास रहे कभी।भावनाओं को…
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साहित्य
अक्षुण्ण संस्कृति
संस्कार प्रवाहित हुए हैं यदि संतति।सनातनी को गर्व अक्षुण्ण स्व संस्कृति। चहुं दिस पाश्चात्य मूल्य हैं चाहे भारी।जिएं सगर्व पश्चिम…
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