Vijay Kumar
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साहित्य
एक व्यंग रचना
एक व्यंग रचना एक स्टूडेंट स्कूल को रोता हुआ जा रहा था, मम्मी के हाथ में पानी की बोतल थी,बस्ते…
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साहित्य
विश्व आईसक्रीम दिवस
विधा कविता जवान हो या बच्चा आईसक्रीम तो हर किसीको चाहिए होता है, सिर्फ खुशियों के माहौल में ही आईसक्रीम…
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साहित्य
बारिश का मौसम
(१) रिमझिम रिमझिम बारिश बरसीं है,बूंद बूंद जब मधुबन बरसीं है रिमझिम रिमझिम बारिश बरसीं है,बूंद बूंद जब फुलों पे…
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साहित्य
त्वरित
गुलबदन से गुलाब क्या मिला।खुशी का मानो सैलाब मिला।।झूमकर नाचा दिल मन भरकर,दिल को चैन बेहिसाब मिला।। मनोहर मधुकर
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साहित्य
सच का सामना
सपनों का टुटना,,दर्द हो सिसकीयों में तो कविताएं छपवाऊं,,आंखों को यह दिन देखने को मिलता है तो,घर संसार सड़कों पर…
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साहित्य
ताटंक छंद
“जिसकी जैसी रहे भावना,वैसा मन बन जाता हैमन में पाप बसा है जिसके,जग पापी बतलाता है।लख मूरत पाहन में प्रभु…
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साहित्य
रो पड़ी शिक्षा
जंतर-मंतर की धरती पर,कल फिर एक सवाल खड़ा था,हाथों में संविधान लिए,हर छात्र मौन खड़ा था। न कोई पत्थर, न…
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साहित्य
समझ
समझ सके कभी तो, वक्त को समझोमौका है यही अच्छा ,समझने कानासमझ यदि बने, समझ से—-तो खा जाओगे एकदम जगत…
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साहित्य
आओ ज्ञान का दीप जलाएं
आओ ज्ञान का दीप जलाएं,भेदभाव छोड़कर मन सेसबको दिल से गले लगाएंआओ ज्ञान का दीप जलाएं.. ना कोई छोटा ना…
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साहित्य
आदित्य बिल्वाष्टक :1
”ॐ त्रिगुणम त्रिगुणाकारम,त्रयनेत्रम त्रयजन्मपाप संहारक़म,त्रय बेलपत्रम अहं शिवम् समर्पितौ,”के शुभ मंत्र का जाप भी करते हैं।जिस घर आँगन में बिल्व…
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