Vijay Kumar
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साहित्य
भींगे नयन (सार छंद)
आदरणीया —सार छंद16,12 पदांत 22/1111/112/211 भींगे नयन अश्रु लिए फिरते, मन की पीर छुपाए।टूटे सपनों की कुछ किरचें, पलकों बीच…
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साहित्य
हम युवा हैं हम करें मुश्किलों से सामना…
हम युवा हैं हम करें, मुश्किलों से सामनामातृभूमि हित जगें, है हमारी कामना ॥धृ॥ संस्कृति पली यहाँ, पुण्यभू जो प्यारी…
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साहित्य
जीवन मंत्र
उमंग भरो ,तरंग भरोजीवन में नये नये रंग भरो। रहै साथ गम भी,कोई ग़म नहींमगर खुशियां भी हो साथ में…
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साहित्य
जाने नेताओं का चरित्र
आओ बताते हैं हम नेताओं का हाल,नेताओं की कहां होती है अच्छी चाल। सुनो आगे कहते कुछ पीछे कहते कुछ,कहां…
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साहित्य
जिंदगी एक सफर है सुहाना
इंतजार खत्म हो जाता है,जब मुसाफ़िर की मंजिल आ जाती है । इसी तरह रेल के सफर में नये हमसफ़र…
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साहित्य
पीड़ा जब कविता बनती है
जब मन पर दुःख के बादल, चुपके-चुपके छा जाते हैं,अधरों पर मुस्कान लिए भी, नयनों से अश्रु आ जाते हैं।जो…
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साहित्य
घूँघट की ओट में उजाला
नयन नहीं, दो दीप जले हैं,संकोचों के पावन वन में।जैसे सावन की प्रथम फुहारें,उतरी हों शुष्क धरा के मन में।यह…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
एक बात बोलूं साहेब,आज कल इंसान गाँव को शहर बनाकर गाँव ढूंढ रहा है, क्योंकि इंसान अब खुद ही शहर…
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साहित्य
जब हर दिशा में धुंध घनी हो
जब हर दिशा में धुंध घनी हो,जब पथ का हर दीप बुझा हो,तब भी मन के मौन गगन में,आशा का…
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साहित्य
देखो
जैसे दिन ब दिन जन संख्या बढ़ता हैवैसे हर दिन खाने केलिए मुश्किल हैइससे हर क्षेत्र में हाहाकार मच जाता…
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