Vijay Kumar
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साहित्य
चेतना, विज्ञान और भक्ति का संगम
चैतन्य का शाब्दिक अर्थ है :चेतना, जागरूकता, जीवमय होना।जहाँ चैतन्य है, वहाँ जीवन है। जहाँ जीवन है, वहाँ स्पंदन है,…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
रीति-नीति अपनी यही, पूँजू भोलेनाथ।खिल जाती दिल की कली,मिले शंभु का साथ।यत्न यही रहता सदा,चलूंँ सत्य की राह,श्रवण करूंँ हर…
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साहित्य
जिंदगी एक सफर हैं
जिंदगी एक सफर है,कभी हंसाती है जिंदगी,तो कभी रुलाती है जिंदगी,हर नए मोड़ में कुछ खासदिलाती है जिंदगी। कभी चलते…
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साहित्य
सशक्त हस्ताक्षर की स्वर्णिम 50 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजी साहित्य की स्वर धारा
जबलपुर - सशक्त हस्ताक्षर की50 वीं काव्य गोष्ठी चंचलबाई महाविद्यालय में सानंद सम्पन्न हुई। संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने सभी…
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साहित्य
क्या खोया क्या पाया हमने,
क्या खोया, क्या पाया हमने,किसका इस मन में मनन करें|आने वाले समय का हम यारों ,दिल से हम सब अभिनंदन…
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साहित्य
दे रहा सावन निमंत्रण
आम की अमराइयों में एक डाली है झुकी सी।आ वहीं झूला लगा लें, जिंदगी लगती रुकी सी। दे रहा सावन…
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साहित्य
कल्पकथा परिवार का सनातन रक्षा शंखनाद बना साहित्यिक चेतना का आह्वान
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम हिन्दी भाषा सनातन संस्कृति एवं सद साहित्य हेतु…
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साहित्य
सफर सुहाना
जिंदगी ने चाहा था यूं ही हमें न भूल जाना।चाहे कहीं रहें ये जिंदगी है एक सफर सुहाना। सफर है…
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साहित्य
आषाढ़ सुखा निहारता श्रावण
आषाढ़ सुखा निहारता श्रावणहाथ मलता रह गया,आषाढ़ मास प्यासा चला गया है, आज जमीं खेतों को पानी नहीं है, किसान…
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साहित्य
सालम क्रांति की अमर वीरांगना : स्वर्गीय श्रीमती नारायणी देवी
– योगेश गहतोड़ी “यश” (ज्योतिषाचार्य / साहित्यकार)मोबाईल: 9810092532, नई दिल्ली – 110059 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अनेक महान क्रांतिकारियों,…
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