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काव्य रस की सरिता संग मानवता का संदेश: ‘सुख़न का आशिया’ की गोष्ठी में कवियों ने राष्ट्रकवि को दी स्वरांजलि
”कांकेर (छत्तीसगढ़) की 7 वर्षीय आदिवासी बालिका ‘चांदनी’ (ग्राम-चरभट्टी) की शिक्षा के लिए भेंट किए दस हज़ार पाँच सौ रुपये”…
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रवीन्द्रनाथ ठाकुर : युगद्रष्टा रचनाकार
रवीन्द्रनाथ ठाकुर केवल एक कवि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के ऐसे युगद्रष्टा रचनाकार थे, जिन्होंने शब्दों को संवेदना, विचार और…
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सावन और शंकर
सावन और शंकर का रिश्ता, यहाँ किसे भला ये ज्ञात नही।हुआ समुद्रमंथन निकला विषजिसे पीना सबके बस की बात नहीं।…
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विषय माँ
जिन आंखों में माँ की तस्वीर न हो वह आंखें सूनी लगती है, घर आंगन तो क्या कहें साहेब यह…
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इंसान को इंसान समझना बस
आज के प्रशंसकों और शुभचिंतकोंकी सोच में मात्र एक अंतर होता है,प्रशंसक तो हमारी स्थिति देखता है,पर शुभचिंतक परिस्थिति देखता…
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मियां बीवी के झगड़े
तेरे-मेरे झगड़े में पिस गए बच्चे बेचारा,न तुम जीती, न मैं हारा। तेरे-मेरे झगड़े में पिस गए बच्चे बेचारा,न तुम…
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जुस्तजू
विधा – ग़ज़ल ज़ुस्तुज़ूं कुछ रह गयी जिन्दगी-ए-तमाम मे कसर अधुरी रह गयी इश्क-ए-मुकाम मे दिल-ए-एतबार कर ना सके जहाँ…
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कविता
खेतों का क्या है,आज किसी का कल किसी का है,फुल खिलाएं कोई और,गले में हार पहनाकर खुशियां मनाई जाएं कहीं…
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अखबार
सुबह सवेरे घर में आतासारे जहां की जानकारीकहीं और जगह जाने की जरूरत नहींसभी जानकारी रहती है समाचार मेंकहा क्या…
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हे नीलकंठ त्रिपुरारी
कहाँ तलक मैं गाऊं गाथा,माया भोले न्यारी!महिमा बरनी न जाए तेरी,नीलकंठ त्रिपुरारी!! चंद्रमुकुट है सर पर शोभित,गल भुजंग की माला!नील…
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