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हिम्मत को न दो विराम
विधा : पद्य अल्फाजों पे लगा लगाम ,बोल वचन में न लगे दाम ,असहज समय को देख ,हिम्मत को न…
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हिम्मत को ना दो विराम
विधा – काव्य जीवन सुख दुख का एक है रण संग्रामजीने का एक ही मंत्र हिम्मत को ना दो विराम…
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हिम्मत को विराम ना दो
कविता हिम्मत को विराम ना दो बढ़ते हुए रहना है निरंतरकदमों को विश्राम ना दो, कुछ कर गुजरने वाले लोगों…
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श्री गणेश
एकदंत दयावंत ,गजानन प्रभु गणेश होविघ्न हरे कष्ट हरते, ज्ञान के स्वरूप हो ।। रिद्धि सिद्धि वाम अंग, संग विराजमान…
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सशक्त हस्ताक्षर की 52 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न
जबलपुर - सशक्त हस्ताक्षर की 52 वीं काव्य गोष्ठी पी एम श्री महाकौशल महाविद्यालय जबलपुर में बड़े हर्ष के साथ…
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प्रेम जीवन का आधार
प्रेम जीवन का आधार है, प्रेम से सुखमय संसार,प्रेम जहाँ मुस्कान बने, मिट जाए हर अंधकार। प्रेम से रिश्ते जुड़ते…
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क्यों ये दिल कहे मगर
तुम हो मेरे दिल -ए-जिगरक्यों ये दिल कहे मगरतुम्हारी यादों के हसीन साएमेरे दिल जेहन में इस कदर छाएमेरा दिल…
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श्री राधा रानी हिंडोला में
राधे राधे ,राधे राधे राधे ,कहते कहते पार लग जाएं, श्री राधे राधे राधे बोल करश्री कृष्णाको पाएं, राधा रानी…
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राधा -प्रेम की पराकाष्ठा
राधा केवल एक नाम नहीं, एक अनुभूति है, एक भाव है जो शब्दों से परे है।जहाँ प्रेम अपनी सीमा लांघ…
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मैं और मैं का अंतर
(स्वयं की खोज से आत्मबोध तक) आखिर मैं कौन हूँ? “मैं”—केवल दो अक्षरों से बना यह छोटा-सा शब्द मनुष्य के…
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