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  • महाराणा प्रताप

    (मुक्त छंद) अरावली की चोटियों परआज भी गूँजती है एक हुंकार—“स्वाभिमान कभी झुकता नहीं।”यह स्वर किसी साधारण राजा का नहीं,मेवाड़…

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  • महाराणा प्रताप

    सूर्यवंश मे जन्मे बलिष्ठ कद काठी के क्षत्रिय वो मेवाड़ के राणा प्रताप थेमुगलों के दांत खट्टे कर दे ऐसे…

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  • भावनाओं के पंख

    ओमपाल सिंह भावनाओं के पंख लगाकर,मन अक्सर उड़ जाता है,कभी खुशी के नीले अम्बर में,कभी दर्द में खो जाता है।…

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  • प्रेम – मधुरिमा

    जब प्रेम-मधुरिमा मन की वीणा पर झंकृत हो जाएगी,भावों की अनजानी सरिता अंतर्मन में बह जाएगी।नयनों की चंचल पंखुरियों पर…

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  • मां होती है जन्नत का फूल

    मां होती है जन्नत का फूलममता लुटाती मां का है उसूलमां का प्यार होता है अनमोलनहीं चुका सकता है कोई…

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  • महिला नेतृत्व, एक नए युग की शुरुआत

    आज जिंदगी की भागम -भाग मेंमहिलाएं कहां किसी से कम हैंबिल्कुल महिला का नेतृत्वएक नए युग की शुरुआत हैआजादी के…

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  • विरह का गहराव

    सुनो, प्यार में तुम्हारे अब बदलाव हो रहा है,धीरे-धीरे धुएं के छल्लों में ढलाव हो रहा है।सूर्य की तरह बाहों…

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  • मंगलाचरण

    जो सुमिरत सिधि होई,गन नायक करिबर बदन।करउ अनुग्रह सोइ,बुद्धि रासि सुभ गुण सदन।। मुक हो ई बा चाल,पंगु चढ़ई गिरवर…

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  • सृष्टि की रचयिता

    मां शब्द में ही सारी सृष्टि समायी हैईश्वर ने स्वयं ही मां की महिमा गायी है**हर प्राणी में ईश्वर अंश…

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  • महाराणा प्रताप की जयंती

    प्रसिद्ध हैं ये कथ्य धरा मे आज भी,कि घास रोटी खाई ,जारी रखी लड़ाई ,ना झूके कभी वो मुगलों के…

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