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  • सृष्टि की रचयिता

    मां शब्द में ही सारी सृष्टि समायी हैईश्वर ने स्वयं ही मां की महिमा गायी है**हर प्राणी में ईश्वर अंश…

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  • महाराणा प्रताप की जयंती

    प्रसिद्ध हैं ये कथ्य धरा मे आज भी,कि घास रोटी खाई ,जारी रखी लड़ाई ,ना झूके कभी वो मुगलों के…

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  • माँ

    माँ की‌ महिमा लिखा न जाए ममतामई महान है।माँ ही कलम दवात है और माँ ही गुरु ज्ञान है।।माँ से…

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  • पल दो पल

    पल दो पल ही सही,तुम साथ चलो। पल दो पल ही सही,चुप रहो, ना बोलो। ना तुम कुछ कहो, ना…

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  • व्यर्थ की चिंता क्यों करो

    जिंदगी है चार दिनखुशियों से इसे भर लोतेरा मेरा के चक्कर मेंव्यर्थ की चिंता क्यों करो।जग में जब आये हैतो…

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  • अंतहीन उड़ान

    अंतहीन उड़ान की सैर करना चाहती हूँ।मैं इस विश्व में खूब घूमना चाहती हूँ।। मेरे मन का पंछी आजकल नियंत्रण…

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  • माँ

    माँ,तुम अब मेरे पास नहीं हो,तो ये घर सिर्फ दिवारों का ढांचारह गया है,तुम्हारी आवाज,प्रभात की वो रोशनी थी,जो थके…

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  • गजल

    तुम्हारी याद की बारात ही दिल को लुभाते हैं,सबेरे की सुनहरी धूप से आँगन सजाते हैं। कभी जो दर्द मिलता…

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  • मां जी गई वह दुनिया,

    मां जी गई वह दुनिया,जिसे जीते हैं सभी संत।मौत भी न पा पाईं,प्रेम का अंत,अनन्त। वह छण कैसा दुर्लभ होगा,प्रथक…

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  • सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव 10 मई को होगा

    जबलपुर - संस्कारधानी जबलपुर की क्रियाशील साहित्य संस्था का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह दिनांक 10 मई 2026 को कलाविथीका रानी दुर्गावती…

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