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  • तेरे आने के बाद

    तेरे आने के बादज़िंदगी ने जैसे नया मोड़ लिया,सूने पन्नों पर किसी नेप्यार का पहला शब्द लिख दिया। तेरे आने…

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  • सबके होते हुए भी अकेला

    दुनिया लगती एक मेला हैअपनों की भीड़ में धकेला हैखालीपन दिल के किसी कोने मेंकभी कभी तन्हा रातों में अकेले…

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  • ज्ञान से कर्म तक की यात्रा

    मनुस्मृति के पृष्ठों से निकली एक पहचान,धर्म, ज्ञान, संयम से सजी उसकी शान।वेदों का ज्ञाता, तप का अधिकारी,समाज का दीपक,…

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  • सवालों के आईने में सच

    जब रिश्तों में छल की खबरें सामने आती हैं,नाम बदल कर सच्चाई क्यों छिपाई जाती है?अगर कहीं भी ज़बरदस्ती या…

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  • शिक्षक के साथ

    विधा – मौलिक कविता एक उम्मीद टूट जाने सेदिल सच में ठिकाने बदल लेता है,भटकता है गलियों में,जैसे कोई छात्र…

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  • ग़ज़ल

    नदी के क्रोध में कितने ही ख़्वाब डूब गए,न जाने कितने ही रिश्तों के जवाब डूब गए। वो माँ थी…

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  • पतित पावनी गंगा: कुंडलियाँ छंद

    शापित पुरखे तारने,मन में ले संकल्प।भागीरथ ने तप किया,ब्रह्मा दिया विकल्प।।ब्रह्मा दिया विकल्प,स्वर्ग से भेजी गंगा।चली बहुत उद्वेग,देख डर रूप…

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  • भजन

    भोले शंकर मुझे बचा लो, इन बुरे ख्वाबों ख्यालों से।सारे मेरे पीछे पड़े हैं जाने कितने सालों से।। एक तू…

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  • परिणय पाती।।

    परिणय की मंगल वेला मेंदो फूल संवारने आए हैं। सज धज कर जीवन आंगन में,,,,ये फूल आज मुस्काये है ।।…

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  • परिणय बंधन

    मनुहार पाती ।।हल्दी है ,चंदन है, और बिखरी पड़ी रोली,है,,,कलेवा है, हाथों में देखोअटूट प्रणय बंधन है। है बहुत नाजुक…

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