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मोह के आखिरी पनघट
सूखा धरती म कदम के निशान,पैर थरथरावत हे, आखिरी घूँट के आस म।मोह के बेड़ी अब टूटत हे,पर दिल के…
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वह डायरी
ठंड का मौसम कड़कड़ाती सर्द हवाएं वह अजीब सी गांव की शांति और मैं अंजना,मेरी एक विज्ञापन कंपनी है जिसकी…
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बेटा
शीर्षक – समझदार बेटा कहते हैं लोग बेटा आज्ञाकारी होना चाहिए,राम, कृष्ण और श्रवण कुमार जैसा संस्कारी होना चाहिए lलेकिन…
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कूदे जमुना में कन्हैया
कूदे जमुना में कन्हैया, छप-छप जल मुस्काया,मोर मुकुट चमका ऐसे, जैसे चाँद उतर आया। बाल सखा सब हँसते बोले —…
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वीर आदिवासी नेता एवं जननायक भगवान बिरसा मुंडा
उनका कहना था की "वनवासी नहीं हैं आदिवासी भारत के मूल निवासी हैं" बिरसा मुंडा एक युवा स्वतंत्रता सेनानी और…
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कलियुग
कलियुग का ये दौर अजीब,सत्य यहाँ बन गया फ़ज़ीब।ईमान बिके सस्ती बोली,झूठ चले बाज़ी की टोली। मानव तन में पाप…
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वर्णाक्षरी कविता
अमित अनुपम अद्भुत माया,आज चराचर है हर्षया,इस धरती पर स्वर्ग से सुन्दर,ईश्वर ने संसार बसाया। उन प्रभु को शत शत…
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सरायपाली पुष्प वाटिका में महिलाओं व बच्चों के लिए साइबर सुरक्षा एवं Good Touch–Bad Touch पर जागरूकता कार्यक्रम
सरायपाली, छत्तीसगढ़:छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर आज पुष्प वाटिका, सरायपाली में महिलाओं और बच्चों को एकत्र कर सुरक्षा से जुड़े…
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विरह की वेदना (विप्रलंभ श्रृंगार)
निशदिन गिनूँ मैं तारे,पूछूँ पवन से बात।कहाँ गए मेरे साजन,क्यों कटती नहीं ये रात? सूखे हुए पात से जैसे,मन मेरा…
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बदलते रंगों के बीच – इंसान कहाँ है?
ये दुनिया रंगमंच है या कोई रैन-बसेरा?लोग आते हैं, कुछ पल ठहरते हैं, और फिर चले जाते हैं।कुछ यादें देकर…
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