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  • प्रकृति (जननी)

    प्रकृति ही तो है जननी!जो वात्सल्य ही लुटाती है।चूमती कर कमलों में रखकरनिज अंक में भर लेती है। लिए नवांकुर…

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  • आदिवासी गौरव दिवस

    रचना- आदिवासी वीर सपूतरचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य. शिक्षक) जिला सिवनी म. प्र. 15 नवम्बर का हैं यह शुभ दिन,वीर सपूत…

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  • दिल्ली में आंतकी हमला।

    लाल किले के पास गाडी़ में,आरडीएक्स विस्फोट होता है।आज़ भारत की राजधानी में,यह आंतकवादी हमला होता है।। नौ लोगों की…

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  • अनुराग से वैराग तक

    हम वैरागी उद्गम का जल पीने वाले,अर्थों का अनुसंधान हमें क्या बतलाओगे? नेह लता पर लिपटी होगी प्रीत तुम्हारी,कोमलांगी के…

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  • भारतीय सनातन और अद्वैत दर्शन

    भारतीय सनातन दर्शन केवल किसी धार्मिक आदेश या विश्वास प्रणाली का नाम नहीं, बल्कि अस्तित्व के सत्य, चेतना के स्वरूप…

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  • समाधि पाद सूत्र– ४३

    स्मृतिपरिशुद्धौ स्वरूपशून्येवाऽर्थमात्रनिर्भाशा निर्वितर्का । स्मृतिपरिशुद्धौ= {शब्द और प्रतीति की} स्मृति के भली भाँति लुप्त हो जाने पर; स्वरूपशून्या= अपने स्वरूप…

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  • छूट रहा है बचपन

    ना जाने इस जीवन की आपाधापी में,कब वह बचपन तुमसे रूठ गया। पढ़ाई, कैरियर, सपनों की इस चाहत में,न जाने…

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  • नन्हे सपनों के रक्षक

    जो कल के सपनों के रक्षक हैं,आज मासूमियत में रमे हुए। राह दिखाना हमारा फ़र्ज़ है,क्योंकि कदम उनके अभी थमे…

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  • बाल दिवस विशेष

    बच्चों की दुनिया सुखद सरलकभी शांत कभी होतीचंचल ,बच्चों की दुनिया सुखद सरल,हँसी  मीठी उनकी, करती विह्वल ।। मन उनका…

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  • बिरसा मुंडा जयंती

    धरती आबा बिरसा मुंडा,वीर सपूत थे न्यारे।जल,जंगल,ज़मीन के खातिर,प्राण दिए थे सारे।। उलीहातू की पावन माटी में,पंद्रह नवंबर को जन्म…

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