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  • तारों की ख्वाहिश

    अब रहने दे मुझे आज़माना,वक़्त ने क्या सितम कम किए हैं?तुम भी चले आए करने पंचनामाअब कहने दे मुझेतेरे कर्मों…

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  • करुणामयी प्रकृति

    करुणामयी प्रकृतितेरे तन को, तेरे मन को,सींचे देकर शक्ति,अपनी माँ से कम भी नहीं है,करुणामयी प्रकृति। प्रातः काल ये हमें…

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  • दीपक

    रही भावना यही कभी मैं,दीपक जैसा चमकूँ ।कभी कहीं फिर मेघ घटा बीच,सरिस दामिनी दमकूँ ।। कतरा कतरा जल कर…

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  • मन के बोझा

    विधा – छत्तीसगढ़ी कविताश्रेणी- प्रेरणादायकरचनाकार -कौशल मन के बोझा दिन-ब-दिन बढ़थे,सोच के जंजीर, नींद के घड़ी घटथे।बीते बात ला मन…

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  • हरि हीरो के हार दिहलन

    हरि हीरो‌ के हार दिहलन ,हीरा के खान से हींर के ।हरि मति से मीत बनवले ,जीतल उल्टे धार चीरके…

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  • राष्ट्रीय एकता और हिंदी

    “राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना हैदेश को सजाए रखना है”राष्ट्रीय एकता का सूत्र है हिंदी। भारत देश कई विधाओं का…

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  • समाधि पाद सूत्र ४२

    तत्र शब्दार्थ ज्ञान विकल्पै: संकीर्णा सवितर्का समापत्ति । तत्र= उसमें; शब्दार्थज्ञानविकल्पैः= शब्द, अर्थ, ज्ञान– इन तीनों के विकल्पों से; संकीर्णा=…

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  • समाधि पाद सूत्र– ४१

    क्षीणवृत्तेरभिजातस्येव मणेर्ग्रहीतृग्रहण ग्राह्येषु तत्स्थतदञ्जनता समापत्ति: । क्षीणवृत्ते:= जिसकी समस्त वाह्य वृत्तियाँ क्षीण चुकी हैं ऐसे; मणे: इव अभिजातस्= स्फटिक मणि…

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  • चूड़ाकर्म संस्कार

    सनातन संस्कृति में — संस्कारों का अद्भुत मान,धर्म, योग, वेद मिलकर — करते जीवन का निर्माण।सोलह महान संस्कारों में —…

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  • बाल दिवस

    आज 14 नवम्बर का दिन जो आया,यह शुभ दिन बाल दिवस कह लाया lचाचा नेहरू का जन्म दिवस ,यह बच्चो…

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