Uncategorized

  • भूले नहीं है

    तुम यह मत समझनाकि तुम्हें हम भूल चुके हैं,महापुरुषों की भीड़ में——तुमने यह सिखाया है,कि छोटी-छोटी बातों केनिष्ठा पूर्वक, अनवरत…

    Read More »
  • मुट्ठी भर आकाश और आसमान से सपने,

    मुट्ठी भर आकाश और आसमान से सपने,समंदर भर ख़्याल,और अरमान बहुत ही अपने।। दरियां के जल सा अनुभव,और आचमन अंजुलि…

    Read More »
  • जय राम लखन माॅं जानकी

    जय राम लखन माॅं जानकी ।जय गौरीशंकर हनुमान की ।।जय श्रीहरि करुणानिधान की ।जय लक्ष्मी गणेश महान की ।।जय माॅं…

    Read More »
  • बचपन प्यारा मधुर मधुर

    बचपन प्यारा मधुर मधुरअलबेला मतवाला सान किसी बात की चिंता मन मेंमासूम सा निराला साबचपन प्यारा मधुर मधुरअलबेला मतवाला सा…

    Read More »
  • बाल दिवस — बचपन से आत्मबोध तक

    (1)बचपन खुशियों में डूबा था, हर पल जैसे त्योहार था,मिट्टी, कंचे, खिलौनों में मेरा जीवन कितना सरल था।यह मानव जीवन…

    Read More »
  • बाल दिवस

    आ जाओ मेरे प्यारे बच्चे ,मन के भोले मन के सच्चे ।तुम्हीं हो भारत के भविष्य ,मिलने आए तेरे प्यारे…

    Read More »
  • बाल दिवस — नन्हे सपनों का उजला भविष्य

    पद 1 बचपन नन्ही-सी कली है, हँसी जैसी मधुमास, मन जैसे निर्मल झरना, सपनों का उजला आकाश। कोमल पंखों-सा जीवन,…

    Read More »
  • बाल दिवस विशेष

    शीर्षक– भारत के वीर तुम हो नन्हे बालकतुम भारत के वीर होअपने हाथों से लिखोगेभारत की तकदीर होतुम्हीं रचोगे इतिहासइस…

    Read More »
  • ठंड का मौसम

    रचना- लो आई ठंडरचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य. शिक्षक) शास. उच्च. माध्य. विधालय बकोडी, ब्लॉक कुरई जिला सिवनी म. प्र. वर्षा…

    Read More »
  • अंतर्मन का युद्ध

    नाकामयाब हूँ मैं, व्यर्थ समझता हूँ खुदको, दुनिया के ताने सुन–सुन रोता हूँ खुदको। उस बंद कमरे की बातें मैं…

    Read More »