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  • छठ पर्व

    ।। मौसम परिवर्तन के समय इन व्रत का स्वास्थ्य पर विशेष महत्व कृपया यह लेख बार-बार पढ़ें ।। !! ऋषियों…

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  • समाधि पाद सूत्र– २५

    तत्रनिरतिशयं सर्वज्ञबीजम् । तत्र= उस {ईश्वर} में; सर्वज्ञबीजम्=सर्वज्ञता का बीज {कारण} अर्थात् ज्ञान; निरतिशयं= निरतिशय है । अनुवाद– उस (ईश्वर)…

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  • छठ पूजा

    सूर्य देव के पूजन का, यह है पर्व महानसूर्य देव की कृपा से बनते बिगड़े काम।। उदय काल से सूर्य…

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  • प्यार का क्षितिज

    प्यार का क्षितिज धरती आसमान जहां मिलते हैं, क्षितिज वही कहलाता है। प्यार की पूर्णता का परिचायक क्षितिज, सबको कहां…

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  • छठी मइया के आँगन

    नदिया के किनारे सजल भोर आई,घाट पे उमड़ी श्रद्धा की परछाई।अरघ देत अँधियार में जोती जली,सूरज देव के चरणन में…

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  • दो आत्माओं का संग

    साउथ अफ्रीका की धूप में,एक राह पर दो छायाएँ चलीं।गांधी और कालनबैक —मन के गहरे बंधन में बसी,आध्यात्मिक मित्रता,सद्भाव और…

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  • क्यों करें अभिमान

    न तन अपना न श्वास ही अपनी ,कहाॅं पड़ा अब ज्ञान रे ।न कुछ अपना न सपना अपना ,क्यों करें…

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  • कविता- प्रकृति

    प्रकृति की लीला कितनी न्यारी,कहीं बरसता झमझम पानी,नदियाँ बहती कलकल – छलछल,और कहीं उफनाता है पानी।जरा देखिये ये,प्रकृति की लीला…

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  • भारत की जनजातीय विरासत

    जागो जागो रे मेरे प्यारे भारत के वीरों,इसे बचाकर भारत के बन जाओ हीरो।भारत की जनजाति विरासत हैं प्यारी,भारत की…

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  • शून्य में सजीव – गुरु का उपहार

    शून्य था वह—न नाम, न रूप, न कोई भी आकार था,शांत तरंगों में डूबा, बस स्वयं का ही विचार था।न…

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