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  • छठ पूजा

    सूर्य देव की होती पूजा,गंगा तट पर जलते दीये।छठ मैया का व्रत है पावन,सुख-समृद्धि सबको दीये। ​बाँस की टोकरी,कोसी भरा…

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  • धीरे-धीरे चुपके से

    धीरे-धीरे चुपके सेसिंदूरी लाल पूर्ण चंद्रक्षितिज पर हुआ उदित।संग सुगंधित पवन मंद्रधरा ने आंखें खोली धीरे से।निभृत निशिथ,झीना झीनापरदे सा…

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  • हरियाली

    कवि: ओम कश्यप धरती पर आई हरियाली,मन में छा गई खुशहाली।पत्तों ने ओढ़ी नई चादर,फूलों में महकी सुरभि प्याली।। आसमान…

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  • श्री पी. यादव ‘ओज’ को मिला ‘पत्रकार श्री सम्मान–2025’

    प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्र “दि ग्राम टुडे” प्रकाशन समूह द्वारा वर्ष 2025 का “पत्रकार श्री सम्मान” सुप्रसिद्ध साहित्यकार, शिक्षाविद एवं…

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  • मनी प्लांट की सैर

    विधा: मुक्त छंद कविता कविता: हरी-भरी लताएँ, मनी प्लांट की बात,घर के कोने में, बिखेरती हरियाली की रात।पत्तियाँ चमकतीं, जैसे…

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  • राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

    झाँसी चिरगाँव की माटी,धन्य हुई धरा,जहाँ ये जनमे,मैथिलीशरण नाम है पाया,राष्ट्रकवि बनकर चमके। तीन अगस्त अठारह सौ छियासी,सेठ रामचरण,माता काशी,देख…

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  • रोशनी

    जीवन में अंधकार चाहे जितना भी गहरा क्यों न हो,विश्वास और सत्य की एक छोटी लौ उसे मिटा सकती है।…

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  • जीवन पर मौत का पहरा

    जन्म का मृत्यु से संबंध गहरा है ,जीवन पे मौत का कड़ा पहरा है ।जीवन में कभी खुशी कभी गम…

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  • अनोखी दिवाली

    हुआ कुछ यूं इस बार , नहीं मनाया गया ,घर में दिवाली का त्यौहार । मन में आया एक ख्याल…

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  • अब जीने का हुनर मैं सीख गया हूँ

    अब जीने का हुनर मैं सीख गया हूँ,सिर्फ झूठ बोलता हूँ — दिन भी, रात भी।क्योंकि सच बोल के कई…

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