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विश्व पृथ्वी दिवस
ये धरती मां जैसी दुलारी प्यारीहरी -भरी धरती विरासत है हमारीआंचल में इसके नदियां है बहतीगोद में हैं संरक्षित जंगल…
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बुजुर्गों का सम्मान
बुजुर्ग सनातन की धड़कन, सभ्यता की मूल मिजाज हैं,इनका सम्मान करना ही, धर्म की असली रीत-रिवाज़ हैं| कितने अरमान गले…
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हनुमान के राम
जय श्री राम राम को समझू , राम को गाउँ।राम बिना मैं, रह ना पाऊँ।कौन भला इस जग में ऐसा,आओ…
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नृत्य:भावों की जीवंत भाषा
कला के रंगों में रंगी,सुंदर भावों में ढली।हर मुद्रा में एक भाषा,नृत्य में जीवंत कहानी है। घुंघरू की छम छम…
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मानों वो कह रहे हों
विषय- जब वृक्षों ने कहा मुझसेविधा- कविता जब मैं राहों से गुजरती हूँ तो,इन वृक्षों को देखती हूँ।जब मैं राहों…
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स्त्री होना ही एक उच्च पदवी है
स्त्री का मन अथाह सागर की तरह है , जिसमें भावभीनी लहरें उछलती कूदती रहती हैं । ये लहरें खुबसूरत…
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पहचान
अपनी धरती अपने लोग देश का कैसे उत्थान।श्रमबल सद् नियत ,सिर उठा खड़े हुए वो शान।परमाणु युद्ध में मिटा सिरमौर…
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मई दिवस पर विशेष
(श्रम शक्ति) एक मई का दिन है, मजदूरों के नाम lजो आए इस देश की प्रगति के सदा काम ll**हज़ारों…
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सरदार हरि सिंह नलवा जी की जयंती पर सजा कल्प कथा मंजूषा मंच
बेगूसराय बिहार की कथाकार श्रीमती आरती झा आद्या कल्प मंजूषा प्रशस्ति पत्रम से सम्मानित प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज…
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गीत
प्रिय, मेरे इधर भी आ जाना।नजरों से नजर मिला जाना।।दुनियां की बातें छोड़ तुम,बस मुझको दरस दिखा जाना।।प्रिय मेरे इधर…
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