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  • अविरल-प्रेम-प्रवाह

    हे ! सजन लौट के आ जाओ इस पार‌।सारी-सारी रात बहे आंसुओं की धार। सजन क्यूं चले गए उस घड़ी…

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  • पुस्तक और हम

    विश्व पुस्तक दिवस किताबें ही हैं जग का तीसरा नेत्र,इनसे प्रकाशित जीवन का हर क्षेत्र।भूत, भविष्य, वर्तमान उजागर करतींमन मष्तिष्क…

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  • प्रेम भक्ति, श्रद्धा, विश्वास और दृढ़ता

    जीवन एक अविराम यात्रा है,इस यात्रा में वही पथिक अपनेगंतव्य तक पहुँच पाता है जोनिरंतर यात्रा में चलता रहता है।…

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  • विश्व पृथ्वी दिवस

    ये धरती मां जैसी दुलारी प्यारीहरी -भरी धरती विरासत है हमारीआंचल में इसके नदियां है बहतीगोद में हैं संरक्षित जंगल…

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  • विश्व पुस्तक दिवस

    जी हां, मैं पुस्तक हूं अपनी कहानी सुनाती हूंकरती हूं बातें बीते हुए कल कीक्या तुम मेरी कहानी सुनना चाहोगे..?मैं…

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  • उगता सूरज…

    लेकर आता सुनहरी धूप संग,सातों रंगों का मेला,मिटाने रात्रि की कालिमा…सजाने सवाँरने सभी के सपनों को… जीवन देती रुपहली किरणें,छन…

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  • व्यथा-कथा

    उड़ान सपनों कीउड़ रहे है हम,कभी समस्याएंहमारी होगी कम।उंगली में लगीचुनावी स्याही प्रश्न बन गई,अपनों के शासन मेंजिंदगी सब सह…

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  • धरती माता

    (विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष) धरती माता ही है हम सब के जीवन का आधार।जन्म से ही हमें मिलता यहां…

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  • मातृ भाषा हिंदी

    एकता की अद्भुत शक्ति देती हैहाव और भाव को बांटती हैइसे हमारी वाणी मधुर होती हैबोलना समझना आसान है। देश…

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  • शिक्षक ही क्यों ??

    जनगणना हो, चुनाव हो—हर काम में हमें बुलाया जाता,शिक्षा का दीप जलाने वाला ही बार-बार घसीटा जाता। एग्जाम का समय,…

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