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साहित्य हमें सदैव जागरूक बनाता है – प्रेमा राय
प्रयागराज ।साहित्य हमें सदैव जागरूक बनाता है और वह निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। साहित्य एक सच्चे मार्ग…
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समाधिपाद सूत्र– १९
भवप्रत्ययो विदेह प्रकृतिलयानाम् । विदेहप्रकृतिलयानाम्= विदेह और प्रकृतिलय योगियों का {उपर्युक्त योग}; भवप्रत्ययः= भवप्रत्यय कहलाता है । अनुवाद– विदेह और…
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मजबूत इरादे
सोच अगर पक्की हो कुछ भी कर सकते हो। इरादे मजबूत अगर दुनिया जीत सकते हो। पथ बाधाएं टकराएंगी, निराशा…
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समाधिपाद सूत्र– १८
विरामप्रत्ययाभ्यासपूर्वः संस्कार शेषोऽन्यः। विरामप्रत्ययभ्यासपूर्वः= विराम प्रत्यय का अभ्यास जिसकी-पूर्व अवस्था है और; संस्कारशेषः= जिसमें चित्त का स्वरूप ‘संस्कार’ मात्र ही…
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ममता मयी माँ
ममता मयी माँआज तक नहीं भूल पाती हूं,बोलती कलमवह चुंबन, वह आलिंगन, वह मुस्कानपिया संग विदा होते समयमां ने गले…
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समाधि पाद सूत्र- १७. ख
वितर्कविचारानन्दास्मिताऽनुगमात्सम्प्रज्ञातः । वितर्कविचारानन्दास्मितानुगमात्= वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता — इन चारों के सम्बन्ध से युक्त {चित्त वृत्ति का समाधान} सम्प्रज्ञात:=…
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मन का साथी
मन का साथी, तेरी याद में बसा हूँ, हर सुबह तेरी मुस्कान के साथ जागता हूँ,हर शाम तेरे ख्यालों में…
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गंगा का किनारा
गगन का सितारा हो ,गंगा का किनारा हो ,बरसे शीतल चाॅंदनी ,मंद पवन सहारा हो ।सावन बारिस रिमझिम ,जब उमर…
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अहोई अष्टमी विशेष
कार्तिक मास की अष्टमी को अहोई माता तुम आती होहर सुहागन की खाली झोलियां मां तुम भर जाती होसूर्य चंद्र…
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मेहंदी
तेरे प्रीत की दस्तक है मेहंदी।सुहागिनों की सौगात है मेहंदी।गहरी प्रेम की धारा है मेहंदी।दो दिलों की लाल गहरा रंग…
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