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भक्त कन्नप्पा का समर्पण
जंगल की छाया में, सरल हृदय का एक था वीर,शस्त्र न था धर्म उसका, बस शिव था उसकी पीर।न वेदों…
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माया
माया की इस नगरी में,सब माया से दूर है,माया तो उसके पास है,जिसके पास “माया” है। इस दुनिया में सबसे…
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पूरे विश्व के संवाद को भाषा देना अनुवाद का मूल ध्येय
– डॉ पूनमचंद टंडन साझा संसार फाऊंडेशन की पहल पर, ‘अन्तर्राष्ट्रीय अनुवाद काव्य-पाठ’ ऑनलाइन आयोजन, डॉ पूनमचंद टंडन, महासचिव, भारतीय…
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कविता — बवाल हो गया
खामोश रहते थे हमेशालोगों की सुन सुनकर,एक बार जो कहने लगे हमतो जैसे बवाल हो गया । सारा जमाना था…
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अंतःप्राज्ञ – स्वरचित कहानी
शहर के शोर और भागदौड़ से दूर, हिमालय की गोद में एक शांत कुटिया थी। कुटिया के चारों ओर ऊँचे…
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करवा चौथ विशेष
तू चांद है मेरातेरा साया चांदनी है मेरीतू सौभाग्य है मेरातू ही मांग का सिंदूर है मेरीतेरी मुस्कान परखनकती चूड़ियां…
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जलफाफ़े में प्रेम
लिफ़ाफे में बंद प्रेम,अब सरेआम हो गया।मन की पीड़ा, तन के कष्ट,पल भर में उजागर हो गया। अब चिट्ठी नहीं…
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बारह साल की उम्र
पुराना ज़माना प्यारा था,जब बारह साल की उम्र में।सबके दांत दूध का टूटता था,आज रहते हैं सब अपने मुड़ में।।…
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रचनात्मक पक्ष लेकर देश व समाज निर्माण के लिए पत्रकार कार्य करें – डॉ मुनेश्वर मिश्र
दिलीप त्रिपाठी भगवान राम के रामेश्वरम में लंका जाने के लिए सेतु निर्माण के कार्य में एक गिलहरी ने भी…
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सूर्यास्त
उदय काल में लाल था,अस्त काल भी लाल।एक रूप ही रवि रहें सुख-दुख दोनों काल।। १।। पडती किरणें सूर्य की ,जल भी…
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