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समाधि पाद सूत्र–५०
तज्जः संस्कारोऽन्य संस्कार प्रतिबंधी । तज्ज:= उससे उत्पन्न होने वाला; संस्कारः= संस्कार; अन्य-संस्कारप्रतिबंधी= दूसरे संस्कारों का बाध करने वाला होता…
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सौदागर
सौदागर के कई रूप मेंकुछ की जिक्र कराए।मेरी कलम यहां सौदागर कीकुछ ही बात बताए व्यावसायिक सौदागर ⚖️हमारा काम आसान…
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मतलबों की दुनिया
मतलबों में छुपेमतलबी लोगों कीमतलब का आलम मत पूछ हर शब्द के पीछेएक चाह छुपी रहती है,हर मुस्कान मेंकोई ना…
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मोक्ष की खोज“जो मौत से लौट आया”
चौपाल की रात खत्म हो चुकी थी।लेकिन रामशरण के मन में जो सवाल उठे थे, वे अभी भी भोर की…
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प्रो जगदीश यादव बिहार , सच्चिदानन्द मिश्रा उत्तर प्रदेश और संदीप तिवारी दिल्ली प्रदेश के चुनाव संयोजक बनाए गए।
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ में नए सत्र के लिए इकाइयों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू प्रयागराज।भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ में…
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समाधि पाद सूत्र– ४९
श्रुतानुमान प्रज्ञाभ्यामन्यविषया विशेषार्थत्वात् । श्रुतानमानप्रज्ञाभ्याम्= श्रवण और अनुमान से होने वाली बुद्धि की अपेक्षा; अन्यविषया= इस बुद्धि का विषय भिन्न…
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गांव
देश की आत्मा है हमारे गांव। कठिनाइयों के समय ममता की छांव है यह गांव।कर्मठता का प्रतीक है गांव।खेत खलिहानों…
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माशूक दिसंबर
साथ अपने वो गुलाबी ठंड की सौगात लाया है,साल भर का बिछडा़ कोई गोया लौट आया है! गुनगुनी धूप उसके…
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सुहानी सुबह
तिमिरता को चीरते हुए,सुंदर नव भोर हुआ ।नई तरंगें लिए नव उमंगों ,का अंजोर हुआ।कोई परीक्षा की तैयारी ,में जुटा…
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समाधि पाद सूत्र– ४८
ऋतम्भरा तत्र प्रज्ञा । तत्र= उस समय {योगी की}; प्रज्ञा= बुद्धि; ऋतम्भरा= ऋतम्भरा होती है । अनुवाद– उस समय योगी…
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