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विजयदशमी
कैसे कह दें तुम्हे विदा?? साल गए तुम आई हो मां कैसे कह दें तुम्हें विदा?? नौ दिन का नौ…
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ऑंगन
दिवा : शुक्रवारआधुनिक जमाने का घर देखो ,जहाॅं ऑंगन नहीं तो द्वार कहाॅं ।इस बढ़ती मंहगाई के जमाने में ,किसी…
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जब माता पिता नहीं रह जाते हैं
किसी की अकस्मात मृत्युबहुत ही पीड़ादायक होती है,एक पुत्र माता पिता के न रहजाने पर उनको कैसे खोजता है,उसकी मन:स्थिति…
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विजयादशमी
असत्य के महल भले ही, हों ऊँचे आकाश समान,सत्य की नींव अडिग रहती, पाता है वह सदा सम्मान।रावण का दंभ…
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विजयादशमी पर्व अहंकार का दहन
पूर्ण हुआ नवरात्र का पर्व हुआ आगमन खास। असुरों ,का संहार कर मन में छाया उल्लास।। अहंकार का अंत कर,…
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आज़ादी
आज़ादी-आज़ादी के नारों सेफिर चारों दिशाएँ गूंज रही हैं।किस-किस को चाहिए आज़ादी?अंबर और धरती पूछ रहे हैं—कौन यहाँ गुलाम है?और…
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दशहरा
समस्त माताओं बहनों एवं बंधुओं को सपरिवार दशहरा की हार्दिक बधाई एवं बहुत बहुत शुभकामनाऍं । मरने के पश्चात आज…
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क्या आप भी रावण हो?
रावण को जलने वाले जरा,इतना बताओं क्या? अपने ,अंदर का रावण जलाया क्या?क्या राम जैसा बनाया खुद को? बताओं अपने…
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दे दी हमें आजादी बिना खडग बिना ढाल
“दे दी हमें आजादी बिना खडग बिना ढालसाबरमती के संत तूने कर दिया कमालरघुपति राघव राजा राम “आजादी के पुरोधा…
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कविता—-“दशहरा का सार”
फूंक कर पुतला दशहरा मानना, दशहरा मनाने की महज़ रीत है यही।। मन का दशानन दशहरा नहीं,भीतर के रावण को…
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