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आषाढ़ का पहला दिनहे !
मेघ क्या तुम फिर सेदूत बन कर जाओगे?वहां जहां हादसा हो गयाबरसाओगे कुछ जल,तुम भी बरसाना कुछअश्रु जल ताकितुम्हारी शीतल…
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षोडश संस्कारों की आवश्यकता
संस्कार का प्रयोजन और उसके भेद— संस्कार सामान्यतः दो प्रकार के होते हैं—एक है दोषापनयन ।दूसरा है गुणाधान ।कुछ विद्वानों…
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साक्षरता का अलख
साक्षरता का अलख जगाकर,शिक्षित सबको करना है।संकल्पों का दीप जला कर,ज्ञान उजाला भरना है। साक्षरता की राह पर चलें, शिक्षा…
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बनवा दो सांसद मुझे (बाल कविता)
पापा मुझे भी बनवा दो सांसदबनवा दो ना बनवा दो नामैं भी जन की सेवा करूंगामैं भी देश की सेवा…
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“तो हम विश्व गुरु कैसे बन पाएँगे” – कवि डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र “आदित्य” की कविता की समीक्षा
डॉ.यल.कोमुरा रेड्डीसमीक्षक, कवि और लेखकवारंगल जिला, तेलंगाना राज्य कवि डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र “आदित्य” की कविता “तो हम विश्व गुरु…
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देवशयनी एकादशी कहा जाता है
एकादशी महत्वपूर्ण तिथि होती है,वर्ष में चौबीस एकादशी होती हैं,अधिकमास या मलमास आता है,तब एकादशी छब्बीस हो जाती हैं। आषाढ़…
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साथ।
तुम साथ भले न दो,पर साथ मेरे रहना,मुझे अकेलेपन की आदत, आदतन अब नही है।। बात मेरी तुम जब चाहो…
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ग़ज़लें
1 लाख आँसू हमारे ढ़लते हैं। लोग पत्थर कहाँ पिघलते हैं। जान पायेंगे हम उन्हें कैसे, शक़्ल पे शक़्ल जो…
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कृष्णा
कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा, राधे राधे राधे राधे। राधे कृष्णा राधे कृष्णा, हरे कृष्णा, हरे कृष्णा।। कृष्णा तुम…
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देव भूमि की छटा निराली
नील बितानों में लिपटी घाटीस्वपन सा मोहित हर रजकणजहाँ अरण्य नहीं बस वन हैं,जिनमें बसते परम ब्रह्म। गगन से करते…
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