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बीस रुपये का बंधन
मेरा कोई सगा भाई नहीं था।हर रक्षाबंधन पर जब घर की छतों पर राखियों की चमक दिखती, तो मेरी आँखें…
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दिनांक २३ अगस्त को पटना में बरनवाल डायरेक्टरी के तत्वाधान में वार्षिकोत्सव
दिनांक २३ अगस्त को पटना में बरनवाल डायरेक्टरी के तत्वाधान में वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में एक साहित्य समागम आयोजित की…
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शिक्षक का समाज में योगदान
प्रस्तावना:-शिक्षक समाज का वह महत्वपूर्ण अंग व स्तंभ है, जो केवल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें…
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बारिश में ढहता मकान
गरजते बादल मूसलाधार बारिश,ज्यों सब्र खो चुका आसमान।हर बूंद छत पर हथौड़े सी गिरी,कांप उठा पुराना मकान।। भीतर से जर्जर…
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जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें
एक बात बोलूं साहेब,निंदा करने वाले बहुत मिलेंगे इस दुनियाँ में, और शर्मिंदा करने वाले भी बहुत मिलेंगे इस दुनियाँ…
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मन की बात
सब के मन में बातें होती , आज सुनो मेरे मन की बात।मेरे मन की है ये चाहत, रहे सद्भाव…
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कविता
कहते हैं कि दिवारों के कान होते हैं,तो हम दिवारों से बातें करके सो लेंगे, तकिया लगा कर सिरहाने रात…
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दहेज नहीं, तितली के पंख चाहिए
हमें दौलत का अंबार नहीं चाहिए,हमें दिखावे का श्रृंगार नहीं चाहिए,तुम बस अपने सपने साथ लाना,बाकी हर मंजिल हम खुद…
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मुक्तक
कुंद इंदु सम देह हैं जिनकी कानों में कुंडल सोहे।गले नाग मस्तक त्रिपुण्ड शुभ ,सबका मन शिवजी मोहे।तन में भस्म…
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कविता
ऐसी संगति किस काम की , जो जीवन गर्द कर दे , ऐसी शिक्षा बेकार है, जो भटका दे अंधियारे…
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