Uncategorized
-
मेरा सफर अभी बाकी है
गुजर रही है उम्र, पर जीना अभी बाकी है।जिन हालातों ने पटका है ज़मीन पर,उन्हें उठाकर जवाब देना अभी बाकी…
Read More » -
विश्व ब्राह्मण दिवस
ब्रह्मा के श्रीमुख से प्रकट हुई, ज्ञान-ज्योति अविराम, वेदों की वाणी गूँज उठी, बढ़ा धर्म का नाम। संस्कारों की अमृत…
Read More » -
मां का आँचल, पिता का साया
विषय – माता-पिताविधा। – गीत कभी न माँगा अपने लिए कुछ,सब कुछ हम पर वार दिया,खुद को खोकर माता-पिता ने,हम…
Read More » -
रंगत से संगत (लेख)
कहते हैं कि "रंगत से संगत भारी"रूप रंग तो आंखों का धोखा है। गोरे, काले, लंबे नाटे से इंसान की…
Read More » -
अन्नदाता या कर्जदाता
अन्नदाता उसको हैं कहतेजो खेत में उपजाता अन्नभरता है हर व्यक्ति का पेटधूप में तपता, बारिश में भींगतानहीं करता कभी…
Read More » -
मेरा अस्तित्व (एक नई उड़ान)
अब रुकने का नाम नहीं प्रिय, दुनिया की परवाह छोड़ दी,लक्ष्य भेदना है अब मुझको, सफलता से नाता जोड़ लिया।…
Read More » -
पुण्य ख़त्म तो राजा रंक होता है
मकान कितना भी साफ़ सुथरा हो,धूल गर्दा तो अंदर आ ही जाती है,हम कितने भी समझदार क्यों न हों,हमसे भी…
Read More » -
सबकुछ तय है
यहाँ सबकुछ है,तयफिर क्यो,मन मे है भय ?होकर रहे यहाँ, तु निर्भयमत रखे ,मन मे संशय उथल पुथल ,ये सब…
Read More » -
बाल स्वर-सरिता से गुंजायमान हुई २५१वीं कल्पकथा साप्ताहिक काव्यगोष्ठी
नन्हे सृजनकारों की काव्य प्रतिभा और वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति से सजा भावपूर्ण साहित्यिक उत्सव प्रभु श्री राधा गोपीनाथ…
Read More » -
शिव महिमा
ॐ विश्व रूप ऊॅं आदि अनादि है अनंत सर्वत्र है जगत आधार हैं। शिव चेतन ऊर्जा, ऊर्ध्वाकार काल का विस्तार…
Read More »









