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  • जल

    विधा – कविताशीर्षक- जल संरक्षण कितना है ये अनमोल,समझो पानी का सब मोल lये मानव जिम्मेदारी से आँखे मत मूँद,कितनी…

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  • मुझे बचाओ

    दर्द की राहों में डूबा मन, हाँफ रहा टूटी सांसों में,टूटे सपने जलते भीतर, जैसे धुआँ हो आहों में। सूनी…

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  • कुछ लिखते हैं

    विद्या – कविताशीर्षक – जिंदगी के खट्टे-मीठे रंग ​ज़िंदगी है एक सफ़र सुहाना,हर मोड़ पे इक नया तराना।कुछ धूप है…

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  • रांझणा…

    बीच बजार हीर को ढूँढे—सुर में पीर समाए,हीर पुकारे—कहाँ चली तू, क्यों मुझको बीच में छोड़ जाए?मन तरसे, नयन बरसें—भीगी…

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  • मोक्ष के पथिक

    “गाँव की साँसें और गंगाराम का नया दंश” हरिचरण को जब चौपाल से ले जाया जा रहा था,गाँव में एक…

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  • जूता काण्ड।।

    हमारे भारत के सुप्रीम कोर्ट के ही अन्दर,माननीय सीजेआई पर जूता उछाला गया।सुप्रीम कोर्ट के ही ऐडवोकेट राकेश साहब ने,यह…

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  • संविधान दिवस

    जिनकी कलम ने भारत के विधि का नया विधान लिखा,एक नए भारत के आगे बढने का संविधान लिखा,किस दिशा में…

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  • सोशल मीडिया के दौर में भारतीय संस्कृति

    ” सभ्यता, संस्कृति जहां से जन्मी हैवो हिंद देश मेरा मतवाला हैसंस्कार जहां से पले -बढ़ेवो भारत देश निराला है”वर्तमान…

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  • रूह की आवाज

    मनुष्य का जीवन केवल बाहरी अनुभवों का संग्रह नहीं है, बल्कि भीतर घटने वाली एक अनंत यात्रा है। इस यात्रा…

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  • ख्वाब

    ख्वाब अँधेरों में उगती किरण,मन में उजियारा भर जाते हैं।थकी निगाहों को सहलाकर,दिल में नई रोशनी जगाते हैं। कभी ये…

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