Uncategorized

  • पिताजी

    घर के नेताप्रेम बांटतारक्षा करतामार्ग दिखाताहमारे पिता श्रीनिवास! मित्र के रूपज्ञान के रूपधैर्य के रूपशक्ति के रूपहोते है पिता श्रीनिवास!…

    Read More »
  • संगदिल ये दुनियाँ है

    बड़ी ही संगदिल ये दुनियाँ हैकौन अपना कौन परायासमझ एक जनम ना आयादवा जिसने दी दर्द भी उसी से पायाकि…

    Read More »
  • गरीबी

    गरीबी, बेरोजगारी, पारिवारिक समस्याएँ, बीमारी और सामाजिक असमानता इंसान को मजबूरियों के ऐसे जाल में बाँध देती हैं, जहाँ वह…

    Read More »
  • मोबाइल वाला रावण

    घर में रावण एक नहीं, अब दस-दस निकले हैं।बच्चे, बूढ़े, जवान सब मोबाइल में फँसे हैं। सुबह उठते ही सबसे…

    Read More »
  • पुरुषोत्तम मासः मल मास या अधिमास

    हिंदू कालगणना में हर तीसरे वर्ष एक ऐसा महीना आता है जो कलियुग में भी सतयुग का अनुभव करा देता…

    Read More »
  • ज़ख्मों की गहराई

    ज़ख्म जो दिखते हैं, सिर्फ वो ज़ख्म नहीं होतेअसल में ज़ख्म वो होते हैं, जो मन में घाव कर जाते…

    Read More »
  • जिंदगी की किताब

    जिंदगी की किताब एक अनूठी कहानी हैजन्म से लेकर मरण तक मरण तक एक अद्भुत सफर हैजिंदगी हर पन्ने पर…

    Read More »
  • अनुभव और उद्ग़ार बहुमूल्य हैं

    जीवन के अनुभव से सीख मिली,मेरी कमियों ने नापसंद करवाया,उससे ज़्यादा नापसंद वो करते हैं,मेरी खूबियों ने जिनको दूर किया।…

    Read More »
  • बचपन

    वो बचपन की यादेंजब याद मुझे आती हैं,वो बचपन की यादें।दिल कहता है चल फिर,बचपन को जी ले।थोड़ा सा हँस…

    Read More »
  • प्रवृत्तियाँ या विकार

    मानव जीवन की समस्या है कि जिनप्रवृत्तियों को हम विकार मान लेते हैं,और निंदा करते हैं बे प्रवृत्तियाँ जीवनजीने के…

    Read More »