
जिंदगी छोटी न बड़ी चाहिए साहेब बस कुछ कहानी अमर चाहिए साहेब।
अपनों का बराई न गैरों की बुराई चाहिए न अपने लिए न दवाई चाहिए साहेब।।
बस यूँ हीं जीवन भर मस्त रहूं मैं ऐसी ही लोगों का बस दुहाई चाहिए साहेब।
योग करूं मैं निरोग रहूंगा मैं ऐसा ही दिन प्रति दिन जीवन चाहिए साहेब।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













