
मेरा प्यार तुझे कबूल हो जाए।
मेरे बाग की तू बुलबुल हो जाए।।
चहक उठेगी ये दुनिया मेरी,
तू जो परिवार का मूल हो जाए।।
गीतकार मनोहर मधुकर

मेरा प्यार तुझे कबूल हो जाए।
मेरे बाग की तू बुलबुल हो जाए।।
चहक उठेगी ये दुनिया मेरी,
तू जो परिवार का मूल हो जाए।।
गीतकार मनोहर मधुकर
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