Vijay Kumar
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साहित्य
तंबाकूःमौत की पुडि़याँ।।
यह केवल तंबाकू नहींं,हमारी मौत की पुडि़याँ है।यह निशदिन जोड़ती रहती,नित मौत की सारी कडि़याँ है।। गांंजा,भांग व शराब,तंबाकू,ये सब…
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साहित्य
साहित्य आकाश में सूर्य की भांति चमक रहे है डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’- कवि संगम त्रिपाठी
साहित्य समाज का दर्पण होता है तो उसे चरितार्थ करने की क्षमता भी होनी चाहिए। सिर्फ कह देने मात्र से…
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साहित्य
दिल का दर्द
भाग्य में मेरे दुःख दर्द लिखे थे मगर,मरहम बनकर उसे खुद ही शमन कर लिया। धूप ने जब जलाया मेरा…
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साहित्य
वरना इस दुनिया में और क्या रखा है
जीवन में हमें दिन के समय शुभऔर परोपकारी कार्य कर सकेंजिनकी वजह से हमें जीवन केपूर्ण सुख और संतोष मिल…
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साहित्य
रोटी
जैसे चंदा शाम को निकले आसमां मेंजैसे सूरज बिखेरे लाली, सवेरेब्रह्माण्ड मेंजैसे मुरली की धुन छा जाएदिल और दिमाग मेंजैसे…
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साहित्य
रोटी की जंग विकास के आंकड़ों के संग
डाक्टर दीपक गोस्वामीमानवीय व्यवहार वैज्ञानिकआप देश के चर्चित लेखक,मोटिवेशनल स्पीकर, ट्रेनर,सामजिक कार्यकर्ता है। रोटी केवल गेहूँ-चावल का लोथड़ा नहीं, मनुष्य…
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साहित्य
कर्म और भाग्य
कर्मों की धरती पर बीज लगाओ, सपनों को आकार दो,मेहनत की सीढ़ी चढ़ते जाओ, जीवन को उपहार दो।भाग्य तभी मुस्काता…
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साहित्य
2 जुन भूख की रोटी
सुबह से शाम तक पसीना बहाया है,तब जाकर 2 जुन की रोटी पाई है।नहीं माँगी भीख किसी चौखट पर,मेहनत से…
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साहित्य
उम्मीद
जब लगे कि कुछ भी नहीं बचा,सपनों का कोई निशाँ नहीं,राहें सब वीरान दिखें,मंज़िल का भी गुमाँ नहीं।जब अपने भी…
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साहित्य
विश्व माता पिता दिवस
माँ ममता की मूर्ति अनुपम, पिता धैर्य का आधार।इनके चरणों में बसता है, जीवन का सारा संसार॥ माँ की गोदी…
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