Vijay Kumar
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साहित्य
कविता
सामने खड़ा इंसान दिखाई नही देता बनाने वाला जहान देखना वो चाहते है!इतने बड़े वो हो गए निकालने लगे खामियाँसच…
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साहित्य
राम मिले
कवितामन के मंदिर में जब प्रेम का दीप जले,दीप जले तो हर दिशा में राम मिले।राम मिले तो जीवन में…
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साहित्य
साक्षरता
विधा : पद्यराष्ट्र की साक्षरता योजना ,सफलीभूत हम बनाऍंगे ।ना से तो यह है हाॅं भला ,साक्षर तो हम कहलाऍंगे…
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साहित्य
दो गज की जमीं ढेरों आशियाँ
जरा सा दिल जहाँ भरा गमकसूर जमाने का या तेरा सितम जज़्बातों का समंदर है जज़्बात नहीं कहींनदियों में हम…
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साहित्य
श्री गणेश धरती स्वर्ग बनायेंगे
प्रथम पूज्य श्री गणेश जीकी आज स्थापना होनी है,शुभ मुहूर्त शुभ घड़ी देखकर,गणपति की पूजा करनी है। मंगल मूर्ति गणपति…
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साहित्य
आत्मा – परमात्मा का मिलन
प्यासे की प्यास बुझा पाये,एक झरना ऐसा मिल जाये,तरो ताज़ा महसूस करे राही,निर्मल जल उसको मिल जाये,उसकी सोती आँखे खोले…
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साहित्य
ग़ज़ल — “बुलाना नहीं चाहता”
जो मेरे पास आना नहीं चाहता,मैं भी उसको बुलाना नहीं चाहता।जिसे एहसास ही नहीं मेरी चाहत का,मैं उसे दिल में…
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साहित्य
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
साक्षरता से जीवन में, ज्ञान का उजियारा आता है,पढ़ा-लिखा हर व्यक्ति समाज को आगे बढ़ाता है। शिक्षा से सोच बदलती…
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साहित्य
शानदार और अत्यंत सफल रही पावस काव्य गोष्ठी सह कवि समागम
नवोदित सहित नामचीन कवि-कवयित्रियों की सहभागिता से सफल रहा कार्यक्रमवारासिवनी स्थित राधाकिसन मिश्र सभागार में काव्य गोष्ठी सह कवि समागम…
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साहित्य
पुष्प की महक
बगिया में जब पुष्प खिलेफैली जब उसकी प्यारी महक।मंद मंद जब पुरवइया चलतीमन में भरती मधुर लहक। रंग बिरंगे पुष्प…
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